
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में दिनांक 6 फरवरी को शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का समापन हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। मुख्य अतिथि के तौर जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर शिक्षा विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही, प्रो. हरिशंकर एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संगीता चौहान उपस्थित रहीं।
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज के युवाओं के कंधों पर ही आने वाले कल के भविष्य की जिम्मेदारी निहित है। उन्होंने कहा कि युवा शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं और इसके लिए विश्वविद्यालयों एवं युवाओं को परस्पर सहयोग के साथ कार्य करना होगा, जिससे वे देश की आर्थिक प्रगति, नीति निर्माण तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपना सक्रिय योगदान दे सकें।

पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तनमयता एवं एकाग्रता के साथ ज्ञान अर्जित करना चाहिए, क्योंकि ज्ञान व्यक्ति में आत्मबोध की भावना विकसित करता है। उन्होंने कहा कि सही अर्थों में देखा जाए तो विद्या ही वह माध्यम है, जो एक सामान्य मनुष्य को हंस से परमहंस बनाने की क्षमता रखती है।
प्रो. राज शरण शाही ने चर्चा के दौरान कहा कि शोध का विद्यार्थी जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। क्योंकि शोध के माध्यम से विद्यार्थी समाज से जुड़ते और जटिल समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं तथा उनके समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करते हैं।
प्रथम सत्र लखनऊ विश्वविद्यालय के मानवविज्ञान विभाग के प्रो. उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में ‘ क्वालिटेटिव डेटा एनालिसिस’ विषय पर आयोजित किया गया। द्वितीय सत्र दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में ‘क्वांटिटेटिव डेटा एनालिसिस’ विषय पर तृतीय सत्र जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार के पूर्व कुलपति ‘कॉन्सेप्ट ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड रिपोर्ट राइटिंग’ विषय पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को कुलपति एवं मुख्य अतिथि द्वारा विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में प्रो. हरिशंकर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

समस्त कार्यक्रम के दौरान डॉ. बुद्धि सागर गुप्ता, डॉ. सुभाष मिश्रा, डॉ. लालिमा, डॉ. शिखा तिवारी, डॉ. विक्टोरिया सुजैन, डॉ. मीना विश्वेश्वर, डॉ. विवेक नाथ त्रिपाठी, अन्य शिक्षक, शोधार्थी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।