
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), लखनऊ के ऑडिटोरियम में मंगलवार मानव तस्करी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) विषय पर रेलवे सुरक्षा बल,पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत आयोजित की गई।
कार्यशाला की मुख्य अतिथि श्रीमती विजया किशोर राहतकर, अध्यक्षा, राष्ट्रीय महिला आयोग रहीं। विशिष्ट अतिथियों में डॉ बबीता सिंह चौहान, अध्यक्षा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त सत्य प्रकाश, मण्डल रेल प्रबंधक लखनऊ गौरव अग्रवाल, श्रीमती नीतू अपर मंडल रेल प्रबंधक/परिचालन, अरुण कुमार चौरसिया प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त आरडीएसओ लखनऊ तथा राम अवतार सिंह (डिप्टी डायरेक्टर, एनसीडब्ल्यू) उपस्थित रहे।
कार्यशाला का आयोजन एवं संचालन अरुण त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ द्वारा सफलता पूर्वक किया गया।
कार्यशाला में कानूनी विशेषज्ञ एवं शक्ति वाहिनी के सह-संस्थापक निशिकांत तथा “मदद” फाउंडेशन के संस्थापक राजेश मणि ने राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों के साथ मानव तस्करी पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए।
कार्यशाला में जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी के असिस्टेंट कमांडेंट प्रोबेशनर्स, विभिन्न जोनल रेलवे से आए 22 सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ एवं जीआरपी के अधिकारीगण एवं स्टाफ, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के सदस्य गण, पूर्वोत्तर रेलवे के परिचालन एवं वाणिज्य विभाग के कर्मचारी तथा स्टेकहोल्डर्स (कुली एवं वेंडर) सहित लगभग 250 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्रीमती विजया किशोर राहतकर ने अपने संबोधन में जोर देते हुए कहा कि रेलवे सुरक्षा बल और राष्ट्रीय महिला आयोग के बीच बेहतर समन्वय ही रेलवे के माध्यम से होने वाली मानव तस्करी को जड़ से मिटा सकता है। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों के साथ-साथ जमीनी स्तर के रेल कर्मियों (कुली, वेंडर आदि) की सजगता को अनिवार्य बताया।
कार्यशाला में मुख्य रूप से निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई:
- ‘सॉफ्ट टारगेट’ की पहचान एवं निगरानी
- कुली एवं वेंडर्स की भूमिका
- “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते”,
- “ऑपरेशन आहट”,
- “ऑपरेशन मेरी सहेली”,
- “ऑपरेशन मातृशक्ति”
एवं अन्य कानूनी प्रावधान,
अंतर-विभागीय समन्वय,
आरपीएफ एवं एनसीडब्ल्यू के एमओयू का क्रियान्वयन तथा
तकनीकी एवं हेल्पलाइन का उपयोग।
कार्यशाला के दौरान आरपीएफ एवं जीआरपी के समन्वय से गठित “एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट” के बेस्ट परफॉर्मर बल सदस्यों को सत्य प्रकाश प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर द्वारा सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि “यह कार्यशाला रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों के माध्यम से होने वाली मानव तस्करी को रोकने के लिए जागरूकता, समन्वय एवं कानूनी कार्रवाई को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी”।