एक ओर मोदी की अपनी नई संसद का उद्घाटन और दूसरी ओर जंतर-मंतर पर लोकतंत्र की हत्या

जंतर मंतर नई दिल्ली

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : देश के नए संसद भवन के उद्घाटन के कुछ ही घंटो बाद इस इमारत से चंद किलोमीटर दूर सत्ताधारी पार्टी के सांसद के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर प्रदर्शन कर रहीं पदक विजेता खिलाड़ियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद पहलवानो विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया समेत कई अन्य को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया. यह प्रदर्शनकारी रविवार को ही नए संसद भवन के सामने ‘महिला सम्मान महापंचायत’ आयोजित करने वाले थे

संसद भवन की तरफ जाने से रोके जाने पर पहलवान बजरंग पुनिया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, ‘क्या कोई सरकार अपने देश के चैम्पियंस के साथ ऐसे बर्ताव करवाती है ? हमने क्या गुनाह किया है?’

इससे पहले दोपहर एक बजे के करीब पहलवान साक्षी मलिक ने लिखा था कि जंतर-मंतर से उन सभी का सामान हटाया जा रहा है. मलिक ने कहा था, ‘सभी पहलवानों और बुजुर्गों माताओं को हिरासत में लेने के बाद अब पुलिस ने जंतर मंतर पर हमारा मोर्चा उखाड़ना शुरू कर दिया है. हमारा सामान उठाया जा रहा है. ये कैसी गुंडागर्दी है?’

मालूम हो कि बीते जनवरी महीने में पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शुरू किया था

इससे पहले, सुबह विनेश फोगाट ने आरोप लगाया था कि इस महापंचायत के लिए आ रहे समर्थकों को कई जगहों पर हिरासत में लिया गया. अपने ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा था, ‘जंतर मंतर पर सरेआम लोकतंत्र की हत्या हो रही है. एक तरफ़ लोकतंत्र के नए भवन का उद्घाटन किया है प्रधानमंत्री जी ने, दूसरी तरफ़ हमारे लोगों की गिरफ़्तारियां चालू हैं.’

उन्होंने बताया था कि महिला महापंचायत के लिए आ रहे उनके ढेरों समर्थक किसान, छात्र संगठनों के लोगों को शनिवार रात से ही हिरासत में लिया गया है.

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