
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधुरी ने बताया कि उत्तर रेलवे ने स्क्रैप बिक्री में एक नया रिकॉर्ड बनाया है । 21.08.2023 को समाप्त हुई नीलामी के पश्चात्, उत्तर रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 200.20 करोड़ रुपए अर्जित किये जो कि माह अगस्त तक के आनुपातिक लक्ष्य 183 करोड़ रुपए से अधिक है, इस प्रकार उत्तर रेलवे स्क्रैप का निपटान कर भारतीय रेल की सभी क्षेत्रीय रेलों और उत्पादन इकाइयों में पहले स्थान पर रहा है । यह पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में की गई स्क्रैप बिक्री से 37.69% अधिक है । उत्तर रेलवे माह जून, 2023 में 100 करोड़ रुपए की स्क्रैप बिक्री करके भी पहले स्थान पर रहा है ।
स्क्रैप का निपटान एक महत्वपूर्ण कार्य है । स्क्रैप से राजस्व अर्जित किये जाने के साथ-साथ, यह परिसरों को साफ-सुथरा बनाए रखने में भी मदद करता है । रेल पटरियों के टुकड़े, स्लीपर, टाई बार इत्यादि स्क्रैप को एकत्रित कर इसकी विक्री से संरक्षा बढ़ाने में मदद मिलती है ।
उत्तर रेलवे ने स्टॉफ क्वाटरों, केबिनों, शैड़ों, वाटर टैंकों इत्यादि परित्यक्त ढांचों के निपटान के कार्य को मिशन मोड में शुरू किया है । इससे न केवल राजस्व अर्जन में मदद मिली है बल्कि कीमती स्थान की उपलब्धता भी सुनिश्चित हुई है । इससे शरारती तत्वों द्वारा पुराने ढांचों के दुरुपयोग की संभावना भी समाप्त होती है । इन ढांचों का त्वरित निपटान सदैव ही रेलवे की प्राथमिकता सूची में रहा है तथा इसकी निगरानी भी उच्च स्तर पर की जाती है ।
उत्तर रेलवे पर बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए स्क्रैप पीएसी स्लीपरों का निपटान भी त्वरित रूप से किया जा रहा है ताकि राजस्व अर्जित करने के साथ-साथ बहुमूल्य भूमि को रेल गतिविधियों के लिए खाली रखा जा सके ।
उत्तर रेलवे जीरो स्क्रैप स्टेटस हासिल करने और इस वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक स्क्रैप बिक्री रिकॉर्ड स्थापित करने के लिए मिशन मोड में कार्य करते हुए अपने परिसरों को स्वच्छ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ।