
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / मालीगांव ( असम ) : पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने कामाख्या कोचिंग डिपो में नयी पीढ़ी की वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव और संरक्षा के लिए उन्नत, इन-हाउस विकसित तकनीकी उपकरण प्रणालियों के एक समूह को शुरू कर एक प्रमुख माइलस्टोन हासिल किया है। अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर विकसित तथा उन्नत वैश्विक मानकों के अनुरूप, इन प्रणालियों में एक स्मार्ट एयर स्प्रिंग मॉनिटरिंग सिस्टम,वास्तविक समय पर जांच के लिए पोर्टेबल वाइब्रेशन मॉनिटरिंग सिस्टमतथा स्वदेशी इंजीनियर्ड एक्सटर्नल पिट पावर सप्लाई और प्रि-कूलिंग सिस्टम शामिल हैं।
यह उल्लेखनीय है कि भारत की पहले वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस इस वर्ष जनवरी से कामाख्या और हावड़ा के बीच चल रही है, जिससे विश्व स्तरीय और आरामदायक रेल यात्रा के एक नए युग की शुरुआत हुई है। इसी क्रम में, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अत्याधुनिक और किफायती तकनीकों का उपयोग करते हुए, इन-हाउस विकसित उन्नत रखरखाव प्रणालियाँ शुरू की हैं। एनएफआर द्वारा नवीन और सुदृढ़ तरीकों से अपनी क्षमता को बढ़ाने, हाई-स्पीड और प्रीमियम ट्रेन सेवाओं के रखरखाव को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन सभी अत्याधुनिक प्रणालियों से संरक्षा में वृद्धि हुई है। रखरखाव की दक्षता में सुधार होने के साथ-साथ यह प्रणालियाँ वंदे भारत स्लीपर कोचों के विश्वसनीय एवं उच्च-प्रदर्शन वाले परिचालन को भी सुनिश्चित करती हैं।
अपनी तकनीकी क्षमताओं को और अधिक मजबूत करते हुए, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने पहली बार वास्तविक समय पर रोलिंग स्टॉक की स्थिति की निगरानी के लिए एक पोर्टेबलवाइब्रेशनमॉनिटरिंगसिस्टम चालू किया है। वर्तमान में कामाख्या डिपो में वंदे भारत स्लीपर रेक के लिएप्रयुक्त हो रहा यह सिस्टम संभावित समस्याओं की शीघ्र पहचान करने तथा समय पर सुधारात्मक कार्रवाई को सुविधाजनक बनाता है, जिससे खराब होने या विफल होने की संभावना कम होती है और यात्रियों को निर्बाध यात्रा का अनुभव सुनिश्चित होता है।
ये पहले पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने, सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने तथा यात्रियों को उन्नत वैश्विकमानकों के अनुरूप बेहतरीन और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने की प्रतिबद्धता को पुनः उजागर करती है।
