तुलसी कृषि विज्ञान केन्द्र, गनीवां, चित्रकूट की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : दीनदयाल शोध संस्थान अंतर्गत तुलसी कृषि विज्ञान केन्द्र, गनीवां, चित्रकूट में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यक्रम काशुभारंभ दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव श्री अभय महाजन एवं अन्य अतिथियों द्वारा भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा भारत रत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

बैठक में उपस्थित माननीय सदस्यों के समक्ष केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह नेगी द्वारा गत वर्ष में केन्द्र द्वारा संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत वर्ष 2025 की प्रगति आख्या एवं वर्ष 2026 की कार्ययोजना का वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया।

कार्ययोजना प्रस्तुतीकरण के पश्चात उपस्थित विशेषज्ञों एवं अतिथियों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। प्रमुख रूप से फसल सुरक्षा, कृषि विविधीकरण, हरे चारे की उपलब्धता, मशरूम उत्पादन, औषधीय पौधों की खेती, पशुपालन तथा नवीन कृषि तकनीकों के प्रभावी प्रसार पर विशेष बल दिया गया।

महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट के अधिष्ठाता डॉ. देव प्रभाकर राय ने मोबाइल आधारित कृषि परामर्श सेवाओं को किसानों तक पहुँचाने एवं यूट्यूब जैसे माध्यमों द्वारा सफल कृषक कहानियों के प्रसार पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने किसानों के यहाँ पोषण वाटिकाओं की स्थापना को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।

बांदा कृषि विश्वविद्यालय के सहायक निदेशक (प्रसार) डॉ. मयंक दुबे ने पशुपालन से जुड़े पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण एवं उपयोग तथा “चारा कैफेटेरिया” की स्थापना पर बल दिया। डॉ. बी.के. गुप्ता ने कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। सह प्राध्यापक डॉ. सुभाष चन्द्र सिंह ने किन्नू, खजूर एवं मौसमी जैसे फलदार बागों की स्थापना एवं पुराने बागों के पुनर्जीवन हेतु प्रयास करने की सलाह दी तथा बुंदेलखंड के पारंपरिक फलदार पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान देने को कहा।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री अभय महाजन ने भूमिहीन किसानों को रोजगार से जोड़ने, बहुवर्षीय चारा फसलों के रोपण को बढ़ावा देने तथा समिति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष निर्देश दिए।

कार्यक्रम में प्रो. देव प्रभाकर राय, डॉ. सुभाष चन्द्र सिंह, डॉ. बी.के. गुप्ता, डॉ. मयंक दुबे, जिला कृषि अधिकारी, सहायक अभियंता (सिंचाई), क्षेत्रीय अधिकारी (इफको), सहायक निदेशक (सहकारिता), भूमि संरक्षण विभाग, मत्स्य निरीक्षक, डॉ. नवीन शर्मा (वरिष्ठ वैज्ञानिक), श्री अनिल कुमार सिंह ( निदेशक, जन शिक्षण संस्थान), कृषक उत्पादन संगठन (कर्वी एवं नदिनकुरमियान) के प्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में केन्द्र के समस्त वैज्ञानिक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। बैठक से पूर्व उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में कृषि एवं उससे जुड़े विभागों की भूमिका पर एक परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें डॉ. नेगी द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

अंत में केन्द्र द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया तथा शांति मंत्र के साथ बैठक का समापन हुआ।

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