
अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राजकीय नलकूपों की सतत क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए, विशेष रूप से रबी एवं खरीफ फसलों के सिंचाई काल में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दी जाए। नलकूपों एवं पम्प नहरों के अनुरक्षण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, ताकि आकस्मिक खराबी की स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि राजकीय नलकूपों एवं पम्प नहरों के संचालन और अनुरक्षण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा समयबद्धता एवं नवाचार पर अधिक से अधिक बल दिया जाए।
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने यह निर्देश बुधवार यहाँ उदयगंज स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सभागार में सिंचाई विभाग (यांत्रिक संगठन) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में प्रदेश में स्थापित राजकीय नलकूपों, लघु डाल नहरों तथा वृहद एवं मध्यम पम्प नहरों के संचालन, अनुरक्षण एवं अनुश्रवण की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजकीय नलकूपों एवं पम्प नहरों के संचालन और अनुरक्षण में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और प्रदेश की कृषि व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
समीक्षा बैठक में जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता एवं विभागध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग श्री संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन अशोक कुमार सिंह, एमडी यूपीपीसीएल संतोष कुमार सिंह एवं सिंचाई विभाग (यांत्रिक संगठन) के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित सिंचाई विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।