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पतियों ने कर्ज लेकर पढ़ाया, नौकरी मिलते ही पत्नियां बोलीं “हमारा स्टेट्स नहीं मिलता”

अर्जुन एवं सविता मौर्य

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ / कानपुर देहात / प्रयागराज : आलोक मौर्य और ज्योति मौर्य का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि कानपुर देहात से भी वैसी ही खबर आ गयी। इस बार अर्जुन सिंह पत्नी का व्यवहार बदलने से दुखी है। इसमें भी शादी, नौकरी, बेवफाई और फिर धमकी वाले हालात देखने को मिल रहे हैं। पत्नी की लगन देख उसे पढ़ा-लिखा कर काबिल बनाने का सपना देखने वाला पति आज दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर है।
इस मामले में पति, पत्नी की पढ़ाई में लिए गये कर्ज की भरपाई करने के लिये मजदूरी को मजबूर है। इसके चलते परिवार परेशान है और आस लगाए बैठा है कि किसी तरह बेटे का परिवार पहले की तरह हरा-भरा हो जाए। साथ ही, बहू घर वापस आ जाए।
जानकारी के अनुसार, कानपुर देहात के तहसील मैथा क्षेत्र के रविन्द्र पुरम गांव के रहने वाले अर्जुन की शादी 2017 में बस्ती जिले की रहने वाली सविता मौर्या से हुई थी। शादी के बाद सविता मौर्या में पढ़ाई की लगन देख अर्जुन ने सविता को पढ़ा लिखा कर काबिल बनाने का फैसला किया। नर्सिंग कराने के लिए सविता का दाखिला मंधना में बने रामा कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरा मेडिकल साइंस में करा दिया। साथ ही, खुद मजदूरी कर पैसों को इकट्ठा करने लगा। पढ़ाई पूरी होने के बाद सबसे पहले उसे दिल्ली में नौकरी मिली। सविता की नौकरी चल ही रही थी कि अर्जुन को कुछ शक हुआ।इसके बाद अर्जुन ने सविता को वापस बुला लिया और फिर तमाम कोशिशों के बाद सविता को कानपुर देहात के रसूलाबाद के नारखुर्द में बने स्वास्थ्य केंद्र में लगवाया। यहां उसे अच्छी खासी पेमेंट मिलने लगी। अब सविता के तेवर और मिजाज बदलने लगे। अर्जुन ने आरोप लगाते हुए बताया कि सविता उससे दूरी बनाने लगी।

अर्जुन सिंह के अनुसार अब पत्नी कहती है कि तुम काले हो, हमारा तुम्हारा स्टेट्स मेल नहीं करता है। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। अर्जुन ने न्याय की गुहार लगाना शुरू किया, जिससे बिगड़े हालात सुधर सके। कर्ज में डूबे अर्जुन अभी भी पत्नी की पढ़ाई के दौरान लिए गए कर्ज को भर रहा है। पीड़ित अर्जुन ने बताया क वह पत्नी को पढ़ाने की ललक में कर्ज में डूब गया और तकलीफ भरी जिंदगी गुजार रहा है। उन्होंने बताया जो मेरे साथ हुआ है, उसके बाद कोई भी व्यक्ति, शादी के बाद अपनी पत्नी को नहीं पढ़ाएगा। महिला को सिर्फ घर की जिम्मेदारियों का बोझ उठाना पड़ेगा, जैसा पुराने समय मे होता रहा है।

रविंद्र कुमार एवं रेशमा

एक अन्य मामला प्रयागराज से 50 किलोमीटर दूर मेजा के जरार गांव का है। यहां के रहने वाले रविंद्र कुमार प्राइवेट काम करते है। इनकी पत्नी रेशमा यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं। रविंद्र कुमार का कहना है कि जमीन बेचकर हमने पत्नी को पढ़ाया। जब रेशमा की यूपी पुलिस में भर्ती हो गई तो हम से दूरी बनाने लगी। पत्नी के इस व्यवहार से रविंद्र परेशान हो गया है।

प्रयागराज के मेजा के रहने वाले रविंद्र कुमार की शादी साल 2017 में हुई थी। शादी के एक साल तक पत्नी और पत्नी के बीच बहुत प्यार था। रविंद्र प्रदेश से बाहर प्राइवेट जॉब कर रहे थे, वहीं रविंद्र की पत्नी घर पर रहकर पढ़ाई कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। अब इसी तरह के और भी केस सामने आने के बाद पत्नियों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर गांव-शहर तक कई तरह की बातें हो रही हैं।

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