
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / नई दिल्ली : भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित “पीएनजी सेवाओं के विस्तार एवं आवश्यक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण” विषयक उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सहभागिता की।
यह महत्वपूर्ण बैठक समूह मंत्रियों के 25 मार्च 2026 के निर्णय के क्रम में आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (आवास एवं शहरी कार्य एवं पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस), मनोहर लाल खट्टर (आवास एवं शहरी विकास) तथा प्रह्लाद जोशी (उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण) सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी एवं नगर निकायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार, पीएनजी कनेक्शन वितरण में तेजी तथा शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर मंत्री ए.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश में चल रही प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) से संबंधित कुछ प्रकरण लंबित हैं, जिनमें बहराइच, वाराणसी, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर एवं महाराजगंज प्रमुख हैं।श्री शर्मा ने कहा कि इन लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु वे स्वयं विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकायों के निदेशक को निर्देशित किया जाएगा कि NOC जारी करने की प्रक्रिया को सरल एवं तेज बनाया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा CGD परियोजनाओं को गति देने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।मंत्री ए.के. शर्मा ने केंद्रीय मंत्री को आश्वस्त किया कि इस पूरे विषय पर वे व्यक्तिगत रूप से निगरानी रखेंगे और शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करेंगे, जिससे आमजन को सुलभ, सुरक्षित एवं स्वच्छ ऊर्जा सेवाएं उपलब्ध हो सके।बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय को और मजबूत करते हुए शहरी विकास को नई गति देने पर भी विशेष बल दिया गया।
बैठक में उत्तर प्रदेश सहित हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, राजस्थान, तेलंगाना एवं दिल्ली की सक्रिय भागीदारी रही जबकि अन्य राज्यों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।
