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	<title>विदेश Archives - Suryoday Bharat</title>
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	<description>Hindi News Agency</description>
	<lastBuildDate>Mon, 25 May 2026 11:50:25 +0000</lastBuildDate>
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		<title>बीबीएयू ने अमेरिकी विद्यार्थियों के लिए शुरू किए विशेष योग सत्र : भारतीय योग परंपरा से जुड़े अमेरिकी विद्यार्थी</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/bbau-starts-special-yoga-sessions-for-american-students-american-students-connect-with-indian-yoga-tradition/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 11:49:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के संरक्षण में योग विभाग द्वारा 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में “योग: स्वास्थ्य, ज्ञान और विश्व शांति के लिए” थीम के अंतर्गत विशेष ऑफलाइन तथा ऑनलाइन योगाभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम बाबासाहेब &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="952" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-16.19.42-1024x952.jpeg" alt="" class="wp-image-312321" /></figure>



<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के संरक्षण में योग विभाग द्वारा 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में “योग: स्वास्थ्य, ज्ञान और विश्व शांति के लिए” थीम के अंतर्गत विशेष ऑफलाइन तथा ऑनलाइन योगाभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा द एवरग्रीन स्टेट कॉलेज, वॉशिंगटन, यू.एस.ए. के मध्य शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।</p>



<p>इन विशेष योग अभ्यास सत्रों में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा द एवरग्रीन स्टेट कॉलेज, वॉशिंगटन, यू.एस.ए. के 50 विद्यार्थियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP), सूक्ष्म व्यायाम, श्वसन अभ्यास, ध्यान एवं विश्राम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग के वैज्ञानिक, व्यावहारिक एवं जीवनोपयोगी स्वरूप को प्रस्तुत करना तथा वैश्विक स्तर पर प्रसारित करना है।</p>



<p>विश्वविद्यालय कुलपति प्रो० राज कुमार मित्तल जी ने अपने संदेश में कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो आज सम्पूर्ण विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन और शांति का मार्ग प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि &#8216;वसुधैव कुटुम्बकम्&#8217; की भावना को साकार करने का माध्यम है। विश्वविद्यालय द्वारा अमेरिका के विद्यार्थियों के साथ आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय योग पहल भारतीय ज्ञान परंपरा, वैश्विक सहयोग तथा समग्र स्वास्थ्य चेतना को बढ़ावा देने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।</p>



<p>योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० दिपेश्वर सिंह ने कहा कि आज विश्व के अधिकांश देशों ने योग के शारीरिक पक्ष को अपनाया है, किन्तु योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया नहीं है। वास्तविक योग मन, शरीर और श्वास के साथ जागरूकता का समन्वित विज्ञान है, जो व्यक्ति के भीतर संतुलन, एकाग्रता, भावनात्मक स्थिरता एवं आंतरिक शांति का विकास करता है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के शैक्षणिक संस्थानों के मध्य यह पहल योग के समग्र स्वरूप को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने तथा सांस्कृतिक संवाद, स्वास्थ्य जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>



<p>कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास के साथ-साथ तनाव प्रबंधन, स्वस्थ जीवनशैली, एकाग्रता एवं समग्र स्वास्थ्य के महत्व से भी अवगत कराया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिवार ने इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की भावना के अनुरूप योग को विश्व स्तर पर पहुँचाने की अपनी महत्वपूर्ण पहल बताया है।</p>
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		<title>डॉ. बिश्वनाथ तिवारी ने अल्ट्रामान ऑस्ट्रेलिया &#8211; 2026 में भारत के लिए रचा इतिहास</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/dr-bishwanath-tiwari-creates-history-for-india-in-ultraman-australia-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 19:19:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : इंडियन रेलवे पीजीआई एवं एनआरसीएच, नई दिल्ली के सर्जरी एवं सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. बिश्वनाथ तिवारी ने अल्ट्रामान ऑस्ट्रेलिया -2026 में प्रतिष्ठित अल्ट्रामान मैडल जीतकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ वे भारतीय रेलवे के पहले खिलाड़ी तथा भारत के पहले डॉक्टर &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" width="582" height="1024" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-15-at-22.04.56-582x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-311754" style="width:840px;height:auto" /></figure>



<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : इंडियन रेलवे पीजीआई एवं एनआरसीएच, नई दिल्ली के सर्जरी एवं सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. बिश्वनाथ तिवारी ने अल्ट्रामान ऑस्ट्रेलिया -2026 में प्रतिष्ठित अल्ट्रामान मैडल जीतकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ वे भारतीय रेलवे के पहले खिलाड़ी तथा भारत के पहले डॉक्टर बन गए हैं जिन्होंने यह कठिन उपलब्धि हासिल की।</p>



<p>विश्वभर से आए 37 श्रेष्ठ एथलीटों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए डॉ. तिवारी ने दुनिया की सबसे कठिन सहनशक्ति प्रतियोगिताओं में से एक अल्ट्रामान ट्रायथलों सफलतापूर्वक पूरा किया। यह प्रतियोगिता मानव सहनशक्ति, अनुशासन, समर्पण, त्याग और मानसिक दृढ़ता की सबसे बड़ी परीक्षा मानी जाती है।</p>



<p>तीन दिनों तक चलने वाली इस चुनौती में शामिल था:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><em>पहला दिन:</em> 10 किमी समुद्री तैराकी एवं 145 किमी साइक्लिंग</li>



<li><em>दूसरा दिन:</em> 281 किमी साइक्लिंग</li>



<li><em>तीसरा दिन:</em> 84 किमी अल्ट्रामैराथन दौड़</li>
</ul>



<p>पूरी प्रतियोगिता को निर्धारित कट-ऑफ समय के भीतर तथा कुल 36 घंटे में पूरा करना अनिवार्य होता है।</p>



<p>डॉ. तिवारी ने यह कठिन चुनौती <em>32 घंटे 8 मिनट</em> में पूरी की, जिसमें उन्होंने:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>10 किमी समुद्री तैराकी</li>



<li>421 किमी साइक्लिंग</li>



<li>84 किमी दौड़</li>
</ul>



<p>सफलतापूर्वक पूरी की।</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" width="576" height="1024" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-15-at-17.53.15-576x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-311755" style="width:840px;height:auto" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-15-at-17.53.15-576x1024.jpeg 576w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-15-at-17.53.15-169x300.jpeg 169w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-15-at-17.53.15.jpeg 720w" sizes="(max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<p>अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर डॉ. तिवारी ने कहा कि अल्ट्रामान केवल एक रेस नहीं, बल्कि मानव संकल्प, धैर्य, विनम्रता, अनुशासन और शरीर एवं मन की असीम क्षमता का उत्सव है।</p>



<p>यह उपलब्धि भारतीय रेलवे, भारतीय चिकित्सा जगत तथा देशभर के सर्जनों के लिए गर्व का क्षण है।</p>



<p>डॉ. तिवारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी डॉ. मिताली तिवारी को दिया, जिन्होंने कठिन प्रशिक्षण के दौरान हर कदम पर उनका साथ दिया। उन्होंने अपने बच्चों सोम एवं ओम तथा अपने माता-पिता के आशीर्वाद और त्याग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।</p>



<p>उन्होंने भारत से डॉ. प्रो. ए.के. शर्मा, मीनू शर्मा एवं अखिल सेठी तथा ऑस्ट्रेलिया से इयान ब्लैंचर्ड एवं नैन्सी ब्लैंचर्ड द्वारा मिले उत्कृष्ट सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया।</p>



<p>डॉ. तिवारी ने अपनी यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत, भारतीय रेलवे, भारतीय चिकित्सा समुदाय तथा उन सभी सपने देखने वालों को समर्पित की, जो मानते हैं कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।</p>
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		<item>
		<title>हनी एक्शन प्लान के तहत न्यूजीलैण्ड प्रतिनिधिमंडल ने रायबरेली और बाराबंकी का किया भ्रमण</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/new-zealand-delegation-visits-raebareli-and-barabanki-under-honey-action-plan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 May 2026 17:39:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[अर्थव्यवस्था]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अशोक यादव, लखनऊ : भारत और न्यूजीलैण्ड के मध्य शहद उत्पादन एवं निर्यात क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) तथा न्यूजीलैण्ड सरकार द्वारा संयुक्त रूप से ‘हनी एक्शन प्लान’ पर कार्य किया जा &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="538" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-08-at-19.29.48-1024x538.jpeg" alt="" class="wp-image-311283" /></figure>



<p>अशोक यादव, लखनऊ : भारत और न्यूजीलैण्ड के मध्य शहद उत्पादन एवं निर्यात क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) तथा न्यूजीलैण्ड सरकार द्वारा संयुक्त रूप से ‘हनी एक्शन प्लान’ पर कार्य किया जा रहा है।</p>



<p>प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह से उनके आवास पर शुक्रवार को न्यूजीलैण्ड से आए प्रतिनिधिमंडल की भेंटवार्ता हुई। बैठक के दौरान मंत्री ने भारत और न्यूजीलैण्ड के मध्य शहद क्षेत्र में तकनीकी सहयोग एवं ज्ञान साझा करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="542" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-08-at-19.29.46-1024x542.jpeg" alt="" class="wp-image-311282" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-08-at-19.29.46-1024x542.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-08-at-19.29.46-300x159.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-08-at-19.29.46-768x407.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-08-at-19.29.46.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उद्यान मंत्री ने निर्देश दिए कि रायबरेली में निर्माणाधीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी के कार्य को शीघ्र पूर्ण कर उसे जल्द संचालित किया जाए। साथ ही बाराबंकी के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक निमित्त सिंह ‘मधुमक्खीवाला’ को 02 जून से 14 जून 2026 तक न्यूजीलैण्ड भेजकर आधुनिक तकनीकों एवं वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश भी दिए गए।</p>



<p>इस योजना के अंतर्गत न्यूजीलैण्ड उच्चायोग के पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश का भ्रमण कर शहद उत्पादन, प्रसंस्करण एवं निर्यात से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल में ईशान जयवर्धन, प्रमुख सलाहकार-व्यापार योजना कार्यान्वयन एवं एमपीआई टीम प्रमुख, बायरन पीटर टेलर, मधुमक्खी पालन तकनीकी प्रबंधक, सुश्री मेलानी फिलिप्स, कृषि सलाहकार एनजेडएचसी, सुश्री प्रियम अरोरा तथा सुश्री सुदेशना रे शामिल रहीं।</p>



<p>तत्पश्चात उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा की अध्यक्षता में उद्यान भवन स्थित डास्प सभागार में प्रतिनिधिमंडल द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए गए। बैठक में शहद उत्पादन की गुणवत्ता, निर्यात क्षमता, तकनीकी उन्नयन तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मधुमक्खी पालन को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ते हुए किसानों और उद्यमियों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>



<p>इस अवसर पर उद्यान विभाग के निदेशक बीपी राम, यू.पी.एस.एच.ई.बी. के नोडल अधिकारी, संयुक्त निदेशक उद्यान, एपीडा के अधिकारी, विभागीय अधिकारी एवं प्रदेश के प्रमुख शहद निर्यातक उपस्थित रहे।</p>



<p>प्रतिनिधिमंडल ने 07 मई 2026 को जनपद रायबरेली के शिवगढ़ में निर्माणाधीन ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी’ का निरीक्षण किया तथा जनपद बाराबंकी में प्रगतिशील मधुमक्खी पालक निमित्त सिंह ‘मधुमक्खीवाला’ की इकाई का भ्रमण कर शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।</p>
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			</item>
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		<title>भारत-रूस सहयोग के अंतर्गत रोजगार सृजन हेतु वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक आयोजित</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/a-video-conference-meeting-was-held-on-employment-generation-under-india-russia-cooperation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 05:53:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[विकास]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / सेंट पीटर्सबर्ग : उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत विगत दिवस मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश अनिल राजभर एवं मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री चेरेमीन शेरगे के मध्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="473" height="1024" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-07-at-05.25.15-473x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-311148" style="width:840px;height:auto" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-07-at-05.25.15-473x1024.jpeg 473w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-07-at-05.25.15-139x300.jpeg 139w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-07-at-05.25.15.jpeg 591w" sizes="auto, (max-width: 473px) 100vw, 473px" /></figure>



<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / सेंट पीटर्सबर्ग : उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत विगत दिवस मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश अनिल राजभर एवं मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री चेरेमीन शेरगे के मध्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के माध्यम से प्रदेश के कुशल कामगारों को वैधानिक एवं सुव्यवस्थित प्रक्रिया के अंतर्गत रूस की विभिन्न कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। बैठक का शुभारंभ भारत एवं रूस के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों पर विचार-विमर्श के साथ हुआ तथा उत्तर प्रदेश के कुशल एवं प्रचुर मानव संसाधन की वैश्विक स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के विषय में सकारात्मक चर्चा की गई।</p>



<p>मॉस्को सरकार के मंत्री चेरेमीन शेरगे द्वारा अवगत कराया गया कि मॉस्को शहर में विभिन्न क्षेत्रों में 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं तथा रूस के अन्य क्षेत्रों में भी लाखों की संख्या में कुशल मानव संसाधन की मांग है। विशेष रूप से निर्माण कार्य, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, कारपेंटर आदि तकनीकी क्षेत्रों में कार्यबल की आवश्यकता पर बल दिया गया। इस क्रम में सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आगामी आर्थिक फोरम में उत्तर प्रदेश से मंत्री श्रम एवं सेवायोजन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया, जिससे भविष्य की कार्ययोजना एवं सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जा सके। मंत्री अनिल राजभर द्वारा इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस पहल में सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका वहन की जाएगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="546" height="1024" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-14.42.16-546x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-311149" style="width:840px;height:auto" /></figure>



<p>बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश के मंत्री द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश के युवाओं के मध्य यह भ्रांति व्याप्त है कि रूस में रोजगार हेतु जाने पर उन्हें सेना में शामिल कर लिया जाता है। इस पर रूस के मंत्री चेरेमीन शेरगे द्वारा आश्वस्त किया गया कि समस्त प्रक्रिया पूर्णतः वैधानिक, पारदर्शी एवं सुरक्षित होगी तथा किसी भी प्रकार की बाध्यता या जोखिम युवाओं पर नहीं डाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के इच्छुक युवाओं को किसी प्रकार की अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।</p>



<p>इसके अतिरिक्त, रूसी पक्ष द्वारा यह सुझाव दिया गया कि रोजगार हेतु इच्छुक युवाओं को रूसी भाषा का ज्ञान होना आवश्यक है। इस पर उत्तर प्रदेश के मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रदेश में पहले से ही जापानी एवं जर्मन भाषाओं का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है तथा शीघ्र ही रूसी भाषा को भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।</p>



<p>इस बैठक में उत्तर प्रदेश शासन की ओर से डॉ. शणमुगा सुंदरम, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, श्रीमती नेहा प्रकाश, निदेशक, सेवायोजन, प्रमोद कुमार पुंडीर, अपर निदेशक, सेवायोजन एवं श्रीमती मनीषा अत्री, जिला सेवायोजन अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर उपस्थित रहीं। मॉस्को सरकार की ओर से डारिया पुस्तावालोवा ,हेड ऑफ कोऑर्डिनेशन डिविजन एवं मंत्री के सलाहकार डॉ. जॉर्ज जरिकत भी बैठक में सम्मिलित हुए। उक्त बैठक का समन्वय श्री अरुण ज़ुरेल, फाउंडर एवं सीईओ, बीएसएल कंसल्टिंग, नोएडा द्वारा किया गया।</p>



<p>यह बैठक उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी तथा इससे भारत-रूस के मध्य आर्थिक एवं श्रम सहयोग को और अधिक सुदृढ़ता प्राप्त होगी।</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/a-video-conference-meeting-was-held-on-employment-generation-under-india-russia-cooperation/">भारत-रूस सहयोग के अंतर्गत रोजगार सृजन हेतु वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक आयोजित</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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		<title>भारत और नेपाल के मध्य प्राचीनकाल से ही घनिष्ठ एवं आत्मीय संबंध रहे हैं : सतीश महाना</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/there-have-been-close-and-intimate-relations-between-india-and-nepal-since-ancient-times-satish-mahana/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 11:38:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्य समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार कहा कि भारत और नेपाल के मध्य प्राचीनकाल से ही घनिष्ठ एवं आत्मीय संबंध रहे हैं, जो धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आधार पर निरंतर सुदृढ़ होते रहे हैं। भारत भ्रमण पर आए नेपाल के 20 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्तर &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.00.06-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-310567" /></figure>



<p><strong>अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : </strong>उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार कहा कि भारत और नेपाल के मध्य प्राचीनकाल से ही घनिष्ठ एवं आत्मीय संबंध रहे हैं, जो धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आधार पर निरंतर सुदृढ़ होते रहे हैं।</p>



<p>भारत भ्रमण पर आए नेपाल के 20 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्तर प्रदेश विधान सभा में अध्यक्ष सतीश महाना से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान उपर्युक्त विचार व्यक्त किए। अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी विषय को प्रस्तुत करने से पूर्व उसकी पूर्ण एवं सत्य जानकारी का परीक्षण आवश्यक है। वर्तमान समय में टीआरपी की प्रतिस्पर्धा के कारण नकारात्मकता को प्रमुखता दिए जाने की प्रवृत्ति चिंताजनक है, जबकि मीडिया का दायित्व समाज में संतुलित एवं सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.00.06-1-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-310568" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.00.06-1-1024x682.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.00.06-1-300x200.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.00.06-1-768x512.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.00.06-1-1536x1023.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.00.06-1.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने मीडिया की भूमिका को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि इसकी जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेषकर संसद एवं विधान सभा की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के लिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों की समान भूमिका होती है तथा अध्यक्ष दोनों के प्रति समान रूप से उत्तरदायी होता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश विधान सभा पूर्णतः आधुनिक एवं डिजिटल स्वरूप में विकसित हो चुकी है, जहां पारदर्शिता एवं दक्षता के साथ कार्य संपादित किए जा रहे हैं।</p>



<p>इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विधान सभा भवन का विस्तृत भ्रमण किया तथा विभिन्न स्थलों का अवलोकन किया। इसके उपरांत माननीय अध्यक्ष सतीश महाना ने प्रतिनिधिमंडल को विधानमंडल की कार्यप्रणाली, विधि-निर्माण प्रक्रिया एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.01.25-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-310569" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.01.25-1024x682.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.01.25-300x200.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.01.25-768x512.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.01.25-1536x1023.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-27-at-17.01.25.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर जिज्ञासाएं व्यक्त कीं, जिनका अध्यक्ष द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। उन्हें विधानमंडल की कार्यप्रणाली तथा कानून निर्माण की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि नेपाल के 20 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल इन दिनों उत्तर प्रदेश के दौरे पर है और विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता कर रहा है !</p>



<p>इस अवसर पर प्रमुख सचिव, विधान सभा प्रदीप दुबे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>
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		<title>कला के जरिए मजबूत होंगे अंतरराष्ट्रीय रिश्ते, कंबोडिया की राजदूत ने किया ललित कला अकादमी का दौरा</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/international-relations-will-be-strengthened-through-art-cambodias-ambassador-visited-lalit-kala-academy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Mar 2026 12:48:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : लखनऊ में सोमवार कला और संस्कृति का एक खास संगम देखने को मिला, जब कंबोडिया की महामहिम राजदूत रथ मैनी ने राज्य ललित कला अकादमी पहुंचकर कलाकारों की रचनात्मक दुनिया को करीब से जाना। उनके इस दौरे ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय महत्व दिया। राज्य ललित कला अकादमी में उनके स्वागत &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="681" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-30-at-17.43.56-1024x681.jpeg" alt="" class="wp-image-308881" /></figure>



<p><strong>अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ :</strong> लखनऊ में सोमवार कला और संस्कृति का एक खास संगम देखने को मिला, जब कंबोडिया की महामहिम राजदूत रथ मैनी ने राज्य ललित कला अकादमी पहुंचकर कलाकारों की रचनात्मक दुनिया को करीब से जाना। उनके इस दौरे ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय महत्व दिया।</p>



<p>राज्य ललित कला अकादमी में उनके स्वागत के अवसर पर एक विशेष कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान राजदूत ने विभिन्न कलाकृतियों का अवलोकन किया और प्रदेश के वरिष्ठ विजुअल आर्ट कलाकारों के साथ कला के अलग-अलग पहलुओं पर बातचीत की।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="681" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-30-at-17.43.56-1-1024x681.jpeg" alt="" class="wp-image-308882" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-30-at-17.43.56-1-1024x681.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-30-at-17.43.56-1-300x200.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-30-at-17.43.56-1-768x511.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-30-at-17.43.56-1.jpeg 1512w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्रदर्शनी में मौजूद कलाकृतियों को देखकर राजदूत रथ मैनी काफी प्रभावित नजर आईं। उन्होंने भारतीय कला की विविधता और गहराई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद को और मजबूत बनाते हैं।</p>



<p>इस मौके पर उन्हें प्रदेश में कला और संस्कृति के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई। खास तौर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अहम पहलों और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया गया, जिनसे कलाकारों को सहयोग और मंच मिल रहा है।</p>



<p>इसके साथ ही वरिष्ठ छायाकार अनिल रिसाल और वाटर कलर कलाकार अनिल शर्मा की कलाकृतियां भी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अलावा ‘फ्रॉम अवेकनिंग टू इनलाइटमेंट’ थीम पर महात्मा बुद्ध आधारित विशेष चित्र भी प्रदर्शित किए गए।</p>



<p>इसपर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया, ऐसे आयोजन कला के माध्यम से दो देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करते हैं और हमारे कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का अवसर देते हैं।</p>
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		<item>
		<title>QS एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में बीबीएयू ने बनाई जगह : शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर मजबूत कदम</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/bbau-makes-place-in-qs-asian-university-rankings-2026-strong-step-towards-academic-excellence/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Mar 2026 14:48:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU), लखनऊ ने QS एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में 801–850 बैंड में स्थान प्राप्त किया है तथा दक्षिण एशिया क्षेत्र में 254वीं रैंक हासिल की है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक उपस्थिति को दर्शाती है और भविष्य की दिशा को भी रेखांकित करती है। &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/bbau-makes-place-in-qs-asian-university-rankings-2026-strong-step-towards-academic-excellence/">QS एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में बीबीएयू ने बनाई जगह : शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर मजबूत कदम</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.36-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-308818" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : </strong>बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU), लखनऊ ने QS एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में 801–850 बैंड में स्थान प्राप्त किया है तथा दक्षिण एशिया क्षेत्र में 254वीं रैंक हासिल की है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक उपस्थिति को दर्शाती है और भविष्य की दिशा को भी रेखांकित करती है। QS रैंकिंग संस्थानों का मूल्यांकन शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता धारणा, शोध उत्पादन, संकाय क्षमता तथा अंतरराष्ट्रीय सहभागिता जैसे मानकों के आधार पर करती है। बीबीएयू ने शोध उत्पादकता और उद्धरण (साइटेशन) के क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन किया है, जो निरंतर सुदृढ़ होती शोध संस्कृति का संकेत है। साथ ही, यह रैंकिंग वैश्विक सहयोग, शैक्षणिक दृश्यता तथा छात्र विनिमय कार्यक्रमों को और सशक्त बनाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-308819" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-1024x576.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-300x169.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-768x432.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-390x220.jpeg 390w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टि साझा करते हुए कहा कि यह रैंकिंग हमारी प्रगति का प्रतिबिंब होने के साथ-साथ भविष्य के लिए प्रेरणा भी है। हम अपने शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने, वैश्विक सहभागिता बढ़ाने तथा गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के हित में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी बधाई दी। उन्होंने बीबीएयू परिवार को &#8216;Together We can, Together We will&#8217; का संदेश देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विकसित भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर है तथा इस दिशा में संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रहा है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-1-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-308820" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-1-1024x576.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-1-300x169.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-1-768x432.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-1-390x220.jpeg 390w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-29-at-14.52.37-1.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा ने कहा कि इस यात्रा में आईक्यूएसी गुणवत्ता मानकों और व्यवस्थित सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रो. वर्मा ने बताया कि हमारा ध्यान गुणवत्ता की संस्कृति विकसित करने पर है क्योंकि जब व्यवस्थाएँ बेहतर होती हैं, तो परिणाम स्वाभाविक रूप से बेहतर होते हैं।<br>बीबीएयू के लिए यह रैंकिंग केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि यह निरंतर विकास की याद दिलाने वाला अवसर भी है। केंद्रित प्रयासों और सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ विश्वविद्यालय उच्च शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर निरंतर अग्रसर है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>बीबीएयू में &#8216;बुद्धिमान और सतत डिजिटल भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ&#8217; पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/international-symposium-on-artificial-intelligence-and-emerging-technologies-for-an-intelligent-and-sustainable-digital-future-organized-at-bbau/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 17:04:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[रोजगार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अशोक यादव, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार 20 मार्च को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से &#8216;बुद्धिमान और सतत डिजिटल भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ &#8216; विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इसके अतिरिक्त मंच पर &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/international-symposium-on-artificial-intelligence-and-emerging-technologies-for-an-intelligent-and-sustainable-digital-future-organized-at-bbau/">बीबीएयू में &#8216;बुद्धिमान और सतत डिजिटल भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ&#8217; पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.47-1024x768.jpeg" alt="" class="wp-image-308377" /></figure>



<p>अशोक यादव, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार 20 मार्च को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से &#8216;बुद्धिमान और सतत डिजिटल भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ &#8216; विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इसके अतिरिक्त मंच पर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. टी.वी. विजय कुमार, बीबीएयू‌ के सलाहकार प्रो. मनोज जोशी, सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ के संकायाध्यक्ष प्रो. एम.पी. सिंह, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. राजश्री, जर्मनी के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विष्णु अनुराग एवं प्रो. आर.ए. खान मौजूद रहे। सिडनी, आस्ट्रेलिया से डॉ. कुंदन मिश्रा ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मंच संचालन का कार्य डॉ. अलका द्वारा किया गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="629" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.48-1024x629.jpeg" alt="" class="wp-image-308378" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.48-1024x629.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.48-300x184.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.48-768x472.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.48-1536x944.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.48.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, किंतु यह चिंतन का विषय है कि इसका उपयोग किस दिशा में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मशीनों के आविष्कार से पहले मनुष्य अपने सभी कार्यों के लिए स्वयं पर निर्भर था और उसमें जोखिम लेने की क्षमता प्रबल थी, परंतु मशीनों के आगमन के साथ मानव की शारीरिक क्षमताओं का बड़ा हिस्सा मशीनों ने प्रतिस्थापित कर दिया। इसके बाद मनुष्य ने अपनी बुद्धिमत्ता का अधिकाधिक उपयोग करते हुए स्वयं को बौद्धिक कार्यों में संलग्न किया। </p>



<p>जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. टी.वी. विजय कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सही और संतुलित उपयोग हमारे जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसका प्रभाव पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि हम इसे किस प्रकार अपनाते हैं। उन्होंने &#8216;प्लीज राइज एंड डोंट टेक इट अदरवाइज&#8217; का संदेश देते हुए कहा कि हमें एआई को एक सहायक तकनीक के रूप में देखना चाहिए, न कि उस पर पूरी तरह निर्भर होना चाहिए।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.49-1024x768.jpeg" alt="" class="wp-image-308379" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.49-1024x768.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.49-300x225.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.49-768x576.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.49-1536x1152.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-20-at-17.06.49.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p> आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विष्णु अनुराग ने अपने वक्तव्य में रोबोटिक सर्जरी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि AI के माध्यम से एमआर‌आई और सीटी स्कैन के विश्लेषण को अधिक सटीक बनाया जा रहा है तथा 3D रिकंस्ट्रक्शन तकनीक से सर्जरी की योजना बेहतर ढंग से तैयार की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, स्पोर्ट्स इंजरी के उपचार और पुनर्वास में एआई का प्रभावी उपयोग हो रहा है, जिससे मरीजों को बेहतर और तेजी से उपचार मिल रहा है। </p>



<p>सिडनी, आस्ट्रेलिया के डॉ. कुंदन मिश्रा ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर विभिन्न क्षेत्रों खासकर बैंकिंग और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एआई नई संभावनाओं के साथ-साथ चुनौतियां भी लेकर आया है, जिससे कार्य करने के तरीके और रोजगार के स्वरूप में बदलाव आ रहा है। इसलिए आवश्यक है कि हम समय के साथ स्वयं को अपडेट करें और नई तकनीकों को सीखकर अपने कौशल को विकसित करें, ताकि बदलते परिवेश में बेहतर अवसर प्राप्त किए जा सकें।</p>



<p>इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के सोवेनियर का विमोचन किया गया। इसके पश्चात आयोजन समिति की ओर से मंचासीन अतिथियों को पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट करके उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया। अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. राजश्री ने धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>



<p>इस अवसर पर प्रतिभागियों के लिए तीन तकनीकी सत्रों का भी आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत &#8216;सामाजिक बदलाव में एआई की‌‌ भूमिका&#8217; और &#8216;कार्य का भविष्य और मानव–एआई सहयोग&#8217; जैसे विषयों पर चर्चा की गयी।</p>



<p>संगोष्ठी के दौरान भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न कवियों ने सहभागिता करते हुए अपने विचारों को कविता के माध्यम से सशक्त एवं भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। कवियों ने सामाजिक, सांस्कृतिक, राष्ट्रप्रेम, समसामयिक मुद्दों तथा मानवीय मूल्यों से जुड़े विविध विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें ग़ज़ल, भक्ति एवं लोकसंगीत की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं।</p>



<p>कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, गैर शिक्षण अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों से आये विद्यार्थी, विभिन्न संस्थाओं के सदस्य, शोधार्थी एवं बीबीएयू के विद्यार्थी मौजूद रहे।</p>
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		<title>उत्तर प्रदेश के साथ व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग बढ़ाएगा कनाडा</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/canada-will-increase-trade-energy-and-defense-cooperation-with-uttar-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Mar 2026 04:58:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश को देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने और $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के विज़न को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी वैश्विक पहुँच को और विस्तार दिया है। इसी क्रम में बुधवार, भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="858" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-19-at-00.23.11-1024x858.jpeg" alt="" class="wp-image-308335" /></figure>



<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश को देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने और $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के विज़न को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी वैश्विक पहुँच को और विस्तार दिया है। इसी क्रम में बुधवार, भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना व मुख्य मंत्री के सचिव अमित सिंह ने किया ।</p>



<p>प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित &#8216;इन्वेस्ट यूपी &#8216; मुख्यालय का दौरा किया, जहाँ अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार की अध्यक्षता में एक रणनीतिक बैठक संपन्न हुई। इस उच्च-स्तरीय संवाद का मुख्य उद्देश्य रक्षा (Defence), नवीकरणीय ऊर्जा और शैक्षणिक नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश और कनाडा के बीच द्विपक्षीय निवेश एवं व्यापारिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।</p>



<p>इन्वेस्ट यूपी ने बैठक के दौरान प्रदेश के सुदृढ़ निवेश इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का प्रभावी प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर यूपी एफडीआई नीति-2023 और जीसीसी नीति-2024 जैसी प्रगतिशील नीतियों की सफलता साझा की गई, जिन्होंने वैश्विक फॉर्च्यून-500 कंपनियों को राज्य की ओर आकर्षित किया है। विशेष रूप से, छह रणनीतिक नोड्स और ब्रह्मोस मिसाइल जैसी उन्नत विनिर्माण क्षमताओं से लैस उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की प्रगति को रेखांकित किया गया जो प्रदेश को एक प्रमुख वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करता है।</p>



<p>इस अवसर पर उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने भारत-कनाडा व्यापार संबंधों को और विस्तार देने की अपार संभावनाओं पर बल दिया, जो वर्तमान में अपेक्षाकृत कम हैं। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, एलएनजी/एलपीजी, क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढाने पर बल दिया, जो भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं और विकसित भारत 2027 के लक्ष्य के अनुरूप हैं। साथ ही, बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के महत्व को भी रेखांकित किया।</p>



<p>उन्होंने शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि कनाडा के अग्रणी शिक्षण संस्थानों और उत्तर प्रदेश के बीच साझेदारी से कौशल विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिभा आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।</p>



<p>उच्चायुक्त ने उत्तर प्रदेश को कनाडा के साथ साझेदारी को और गहरा करने का आमंत्रण देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि व्यापार, तकनीकी हस्तांतरण और कौशल विकास के क्षेत्र में मजबूत सहयोग से दोनों क्षेत्रों में सतत और भविष्य उन्मुख विकास को गति मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल में कर्नल स्टीफन मरे (रक्षा सलाहकार), रोहित शुक्ला (राजनीतिक एवं आर्थिक अधिकारी) और सुमेन मंडल (व्यापार आयुक्त) शामिल रहे।</p>



<p>बैठक में निदेशक यूपीनेडा इंदरजीत सिंह, सीईओ इन्वेस्ट यूपी विजय किरण आनंद, एसीईओ शशांक चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
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		<item>
		<title>ट्रंप की होर्मुज जलमार्ग खोलने में मदद की सहयोगी देशों से अपील बेअसर : चीन, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड-जापान शान्त</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/trumps-appeal-to-allies-for-help-in-opening-hormuz-strait-ineffective-china-australia-england-japan-silent/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 14:06:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली / वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को तबाह कर देने के दावे के विपरीत स्टेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों का आवागमन सामान्य नहीं होने से चिंतित नजर आ रहे हैं। स्टेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों को उड़ा देने की ईरान की धमकी के &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/trumps-appeal-to-allies-for-help-in-opening-hormuz-strait-ineffective-china-australia-england-japan-silent/">ट्रंप की होर्मुज जलमार्ग खोलने में मदद की सहयोगी देशों से अपील बेअसर : चीन, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड-जापान शान्त</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="480" height="240" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-16-at-19.33.11.jpeg" alt="" class="wp-image-308194" style="width:840px;height:auto" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-16-at-19.33.11.jpeg 480w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-16-at-19.33.11-300x150.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 480px) 100vw, 480px" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली / वाशिंगटन : </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को तबाह कर देने के दावे के विपरीत स्टेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों का आवागमन सामान्य नहीं होने से चिंतित नजर आ रहे हैं। स्टेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों को उड़ा देने की ईरान की धमकी के कारण अमेरिका और यूरोपीय देशों में ईंधन का गंभीर संकट पैदा हो गया है।</p>



<p>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हालात से निबटने के लिए हाल ही में अपने सहयोगी देशों से अपील की थी कि वे मध्य पूर्व में स्थित स्टेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजें क्योंकि यहीं से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का व्यापार होता है।इसी वजह से ये समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप की इस अपील को कई देशों से खास समर्थन नहीं मिला है।</p>



<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों से उनके युद्धपोत भेजने की जोरदार अपील की थी। यह जल मार्ग &#8220;अमेरिका के गले की फांस&#8221; बन गया है। डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों से युद्धपोत भेजने की मांग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठंडी प्रतिक्रिया मिली है, जिससे यह पहल बेअसार साबित हो रही है। चीन, जापान और ब्रिटेन जैसे प्रमुख देशों ने तुरंत सकारात्मक जवाब नहीं दिया, जिससे यह रणनीतिक मार्ग पर अमेरिका की अकेले कमान संभालने जैसी स्थिति बन गई है। जापान और ऑस्ट्रेलिया ने ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया है। साथ ही बाकी देशों से भी कोई जवाब नहीं मिला है।</p>



<p>जापान और ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार को साफ कर दिया कि इस इलाके में अपनी नौसेना के जहाज भेजने की फिलहाल उनकी कोई योजना नहीं है। दोनों देशों का मानना है कि इस तरह का फैसला लेने से पहले स्थिति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर और विचार करना जरूरी है।</p>



<p>डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बयान में कहा था कि अमेरिका 7 देशों से बात कर रहा है ताकि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखा जा सके। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, &#8216;देखना दिलचस्प होगा कि कौन-कौन से देश हमारी मदद नहीं करते। अगर मदद करते हैं तो अच्छा, नहीं करते तो भी अच्छा। &#8216; ट्रंप ने कहा कि यह छोटा-सा प्रयास है क्योंकि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता अब बहुत कम हो चुकी है।</p>



<p>दक्षिण कोरिया ने कहा कि वो इसपर विचार करेगा</p>



<p>सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार आस्ट्रेलिया और जापान के इन्कार के बावजूद कुछ अन्य देशों का सकारात्मक रुख भी सामने आया है। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह इस मामले पर अभी विचार कर रहा है और स्थिति का आकलन करने के बाद फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही तुर्की और फ्रांस ने भी फिलहाल अपने जहाज भेजने को लेकर सावधानी भरा रुख अपनाया है।</p>



<p>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले ईरान को सख्त चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान इस रास्ते तेल का आवागमन रोकने की कोशिश करता है तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी। अमेरिका की तरफ से अभी जो उसे मार पड़ रही है, वह 20 गुना ज्यादा बढ़ जाएगी। इसके अलावा आसानी से निशाना बनाए जा सकने वाले हम उन लक्ष्यों को निशाना बनाना शुरू कर देंगे जिसके बाद ईरान को एक देश के रूप में दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होना एक तरह से असंभव हो जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि इसके बाद ईरान में मौत, आग और अराजकता का माहौल होगा। लेकिन इन धमकियों का ईरान पर कोई असर नहीं हुआ। ईरान ने इसे &#8220;दुश्मनों&#8221; के लिए बंद किया है और अमेरिकी अपील की आलोचना की है।</p>



<p>विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से रोजाना करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में अगर इस रास्ते पर किसी तरह की रुकावट आती है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/trumps-appeal-to-allies-for-help-in-opening-hormuz-strait-ineffective-china-australia-england-japan-silent/">ट्रंप की होर्मुज जलमार्ग खोलने में मदद की सहयोगी देशों से अपील बेअसर : चीन, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड-जापान शान्त</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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