
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर मेजर जनरल मनोज तिवारी उपस्थित रहे। कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह एवं प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा मंच पर मौजूद रहे। मंच संचालन का कार्य डॉ. सूफिया अहमद द्वारा किया गया।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो राज कुमार मित्तल ने सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हम सभी को उन वीर शहीदों को स्मरण कर उन्हें नमन करना चाहिए, जिनके त्याग और बलिदान के फलस्वरूप देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई और भारत एक गणतांत्रिक राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सका।

मेजर जनरल मनोज तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक औपचारिक पर्व नहीं, बल्कि यह देशभक्ति, त्याग और कर्तव्यबोध का उत्सव है, जो प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा सबसे उत्तम सेवा है और राष्ट्र सेवा के लिए वर्दी का होना अनिवार्य नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति अपने आचरण, कार्य और दायित्वों के माध्यम से भी देश की सेवा कर सकता है।
विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों में वर्तमान में अपनी सेवा देने वाले एवं सेवानिवृत्त हो चुके उत्कृष्ट शिक्षकगण एवं गैर शिक्षण कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल भेंट करके सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त नेशनल कैडेट कोर की सीनियर अंडर ऑफिसर सुहानी सिंह कुशवाहा एवं यॉंग सुब्बा, अंडर ऑफिसर राज किरन और कैडेट अंशिका जैसवार को उनके कार्यों एवं दी गयी सेवाओं हेतु सम्मानित किया गया।
समस्त कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, गैर शिक्षण अधिकारी एवं कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।