सोमैया पर हमले का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाएंगे: देवेंद्र फडणवीस

मुंबई। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि पार्टी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की रक्षा करने में मुंबई पुलिस की ‘‘नाकामी’’ के खिलाफ वह केंद्रीय गृह सचिव से शिकायत करेंगे। सोमैया को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। शिवसेना के समर्थकों ने शनिवार रात सोमैया की ‘एसयूवी’ (कार) पर उस समय जूते और पानी की बोतलें फेंकी थी, जब वह मुंबई में खार पुलिस थाने से निकल रहे थे।

सोमैया, गिरफ्तार किये गये निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा से मिलने शनिवार को पुलिस थाना गए थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के उनके (दंपत्ति के) आह्वान ने शिवसेना समर्थकों को आक्रोशित कर दिया था। भाजपा नेता ने ट्वीट किया था कि वह ‘‘शिवसेना के गुंडों’’ के हमले में घायल हो गए।

रविवार को पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा, हम ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त सोमैया की रक्षा में मुंबई पुलिस के नाकाम रहने का मुद्दा केंद्रीय गृह सचिव के समक्ष उठाएंगे। या तो मुंबई पुलिस ने इस कृत्य (सोमैया की कार पर हमले) का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया है या तो वे हमलावरों के खिलाफ कोई भी कदम उठाने में असमर्थ हैं। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने दावा किया कि मुंबई पुलिस का मौजूदा प्रदर्शन अत्यधिक शर्मनाक है।

उन्होंने कहा, यह पुलिस की तरफ से घोर कदाचार है क्योंकि सोमैया ने खार पुलिस थाने में पुलिस को बताया था कि उन पर हमला हो सकता है। हैरानी की बात है कि पुलिस ने इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट कर दूं कि हम ऐसे हमलों से डरते नहीं हैं। हम ‘जैसे को तैसा’ जवाब देने में सक्षम हैं।

फडणवीस ने यह भी कहा कि जिस तरीके से विधायक रवि राणा और उनकी सांसद पत्नी नवनीत राणा से बर्ताव किया गया, वह उससे हैरान हैं। भाजपा नेता ने कहा, उन्हें (नवनीत राणा को) गिरफ्तारी के बाद जेल में रखा गया…ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र सरकार एक औरत से डर गयी है। केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने भी शिवसेना नीत महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति सही नहीं है।

औरंगाबाद में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा नेता ने कहा, पहले लोग कानून व्यवस्था बनाए रखने पर महाराष्ट्र पुलिस का उदाहरण देते थे लेकिन आज यहां कोई कानून व्यवस्था नहीं है। पुलिस को आगे रखकर राजनीति की जा रही है। राज्य के निवासी इसका जवाब देंगे।

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