लोकतांत्रिक कपट कर भाजपा ने कृषि बिल नहीं अपना ‘पतन-पत्र’ कराया पास- अखिलेश

अशाेक यादव, लखनऊ। किसानों के मुद्दे पर नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाये गए अध्यादेश के बाद विपक्षी पार्टी केन्द्र सरकार को आड़े हाथ ले लिया है। पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मोदी मोदी सरकार बड़ा हमला बोला है। अखिलेश ने सरकार के कृषि बिल पास कराए जाने को भाजपा का पतन-पत्र बताया है।

अखिलेश ने रविवार को एक ट्वीट करते हुए बीजेपी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, कि भाजपा ने कृषि बिल पारित कराने के लिए ‘ध्वनि मत’ की आड़ में राज्यसभा में किसानों व विपक्ष की आवाज़ का गला दबाया है, व अपने कुछ चुनिंदा पूंंजीपतियों व धन्नासेठों के लिए भारत की 2/3 जनसंख्या को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक कपट कर भाजपा ने कृषि बिल नहीं अपना ‘पतन-पत्र’ पारित कराया है।

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश में कृषि सुधार के दो महत्वपूर्ण विधेयकों – ‘कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020’ तथा ‘कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020’ का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दोनों विधेयक कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने वाले सिद्ध होंगे। ये दोनों विधेयक पूर्ण रूप से कृषि और कृषकों के हित में हैं।

बता दें कि किसानों के मुद्दे पर नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाये गए अध्यादेश के बाद केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल का इस्तीफा सरकार को बैक फुट पर ले आया। हालांकि उसने राज्यसभा में भी यह बिल पास करवा लिया लेकिन विपक्ष ने आज जिस तरह से सरकार को घेरा और नारेबाजी व हंगामा किया कि उसके बाद मोदी सरकार के छह वरिष्ठ मंत्रियों को एक साथ प्रेस कांफ्रेंस करते हुए अपनी सफाई देनी पड़ी।

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