
कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जंग के दौरान बेलारूस में चल रही दोनों देशों की बैठक अब खत्म हो चुकी है। मगर बैठक के बाद भी अभी तक यह बात साफ नहीं हो सकी है कि दोनों देशों के बीच जंग जारी रहेगा या फिर थम जाएगी। हालांकि यूक्रेन ने मांग रखी है कि रूस क्रीमिया और डोनबास समेत पूरे देश से अपनी सेना वापस ले। उधर इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यह भी कहा था कि इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य युद्धविराम और रूसी सेना की वापसी होगी। मगर बैठक के बाद अभी तक इस पर कोई बात सामने नहीं आ सकी है।
दोनों देशों के बीच मीटिंग शुरू होने से पहले ही यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए रूसी सैनिकों से अपील की गई है कि अपनी जान बचाएं और जाएं। आगे लिखा है कि जब मैं राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रहा था तो कहा था कि हम सब राष्ट्रपति होंगे क्योंकि देश के प्रति हम सब की जिम्मेदारी है। अब सब योद्धा की तरह हैं।
मीटिंग से पहले तक यह भी चर्चा रही थी कि बातचीत अगर पटरी पर आती नहीं दिखाई देती है तो बेलारूस इस लड़ाई में कूद सकता है। फिलहाल तक स्थिति यह है कि रूस ने इस लड़ाई को जितना आसान समझा था, यह उतनी निकली नहीं. यूक्रेन की तरफ से रूस के जवानों को कड़ी टक्कर मिल रही है। मगर इस बैठक के बाद आगे की किसकी क्या रणनीति होगी इस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। अब देखना है कि क्या दोनों देशों पर इस बैठक के बाद कोई असर होगा या फिर जंग यूं ही जारी रहेगी।