
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने शुक्रवार से शुरू हुए विधानसभा सत्र के पहले ही दिन ध्वनि मत से विश्वासमत हासिल किया।इसके फौरन बाद मीडिया से बात करते हुए पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से विधानसभा में लाए गए विश्वमत को बहुत अच्छे बहुमत के साथ पास कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की तरफ से कई प्रयासों के बावजूद परिणाम हमारी सरकार के पक्ष में रहा।पायलट ने आगे कहा कि इसके बाद उन सभी शकों पर ब्रेक लग गया है जो इससे पहले उठाए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन चीजों को उठाया गया था उन सभी मुद्दों का रोडमैप तैयार कर लिया गया है। पायलट ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि उस रोडमैप का समय से ऐलान कर दिया जाएगा।
पायलट ने कहा कि इसस पहले मैं सरकार का हिस्सा था लेकिन अब नहीं हूं। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि कौन कहां पर बैठता है बल्कि यह अहम है कि वह लोगों के दिल और दिमाग में होने चाहिए। जहां तक सीट का सवाल है तो इस पर स्पीकर और पार्टी की तरफ से फैसला किया जाता है। मुझे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है।
इससे पहले, विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार को गिराने की साजिश रची गई। उन्होंने कहा अरूणाचल प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर और मध्य प्रदेश हवाला दिया और कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में हैं। गहलोत ने बीजेपी नेताओं से सदन में कहा कि आप लोग अंदर ही अंदर धमकी दे रहे हो। उन्होंने सवाल किया कि चुनी हुई सरकार को गिरा दो क्या यह डेमोक्रेसी है। गहलोत ने बीजेपी पर निशान साधते हुए कहा कि 100 चूहे खाकर बिल्ली चली हज को, यह हालत हो गई आपकी पार्टी की।
गहलोत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का नया रूप देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने तय कर रखा है कि राजस्थान की सरकार गिरा के रहेगी लेकिन मैं गिरने नहीं दूंगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को सपने में सरकारें दिख रही हैं। राजस्थान सीएम ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास पढ़ो तो आपकी आंखें खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि आज जो दिल्ली में घमंड दिख रहा है, जनता कब उसे उल्टा कर दे पता नहीं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की किसी भी चाल को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। गहलोत ने पायलट के साथ हुए विवाद को लेकर बीजेपी से कहा कि हमारे घर में क्या चल रहा है, इस पर फैसला आप करोगे? उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि हमारे सभी विधायकों ने डटकर अपने विधानसभा क्षेत्र में काम किया। इसलिए लोगों के फोन आ रहे हैं कि आप लगे रहना, सरकार गिरनी नहीं चाहिए।
गहलोत ने कहा कि क्या केन्द्रीय मंत्रियों के नाम नहीं आए ऑडियो के अंदर। क्यों नहीं वे अपनी आवाज के टेस्ट कराते हैं? उन्होंने कहा कि खाली सीएम और डिप्टी सीएम को ही नोटिस नहीं भेजा गया था। संभावित गवाह के तौर पर समय और स्थान उनसे पूछा गया था।