अशाेक यादव, लखनऊ। कोरोना के खात्मे के लिए योगी सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी तैयारी की है। देश के सबसे बड़े राज्य ने कोरोना को खत्म करने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य कर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों और सरकारी कर्मचारियों को मिला कर खास ‘सेना’ तैयारी की है । वैक्सीन लेकर जंग में उतरने से पहले हजारों लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ।
कोरोना के खिलाफ जंग में उतर रहे योगी सरकार के ये खास ‘सेना’ 6 करोड़ सिरिंज से लैस होगी । 2.5 लाख लीटर वैक्सीन योगी की सेना का सबसे बड़ा हथियार होगा। कोविड-19 वैक्सीन के सुरक्षित और आसान पहुंच के लिए प्रदेश में स्टोरेज सेन्टर बनाए जा रहे हैं ।
योगी सरकार पहले चरण में 6 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगा कर कोरोना के सफाए की शुरूआत करेगी । वैक्सीन लगने के बाद हर व्यक्ति को करीब 30 मिनट वैक्सीन सेंटर पर रुकना होगा । वैक्सीन सेन्टर पर भी योगी सरकार ने चाक चौबंद सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
कोरोना पर चौतरफा हमले की रणनीति के तहत योगी सरकार ने जिला स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती कर प्रशिक्षण दे रही है। केंद्र सरकार से उपलब्ध कराये गए आईसलैण्ड, रेफ्रिजरेटर और डीप फ्रीजर सेंटरों पर भेजे जा रहे हैं, ताकि मानक के अनुरूप कोल्ड चेन मेनटेन की जा सके। राज्य सरकार ने प्रदेश में 2.5 लाख लीटर वैक्सीन की भण्डारण क्षमता तय कर ली है।
पहले चरण के वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित 6 करोड़ सिरिंज में से 4.5 करोड़ सिरिंज का आवंटन भी कर दिया गया है। एक वैक्सीनेशन टीम हर रोज 100 लोगों का टीकाकरण करेगी। सुरक्षा के लिए सरकार ने हर वैक्सीनेशन टीम के साथ दो सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की है।
योगी सरकार वैक्सीन लगाने का हर हिसाब पारदर्शी तरीके से सामने रखेगी । जिस व्यक्ति को टीका लगाया जाएगा उसके फोन पर टीका लगाने का समय, स्थान व दिनांक की जानकारी दी जाएगी । कोरोना वैक्सीन की स्टोरेज के लिए 35,000 केन्द्र राज्य सरकार ने बनाए हैं ।