खरसिया की सरज़मीं पर उतरे कला के सितारे; कवि सम्मेलन में दिखे कविताओं के अनोखे रंग

बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व के उपलक्ष्य में खरसिया को मिली बेशकीमती कविताओं की सौगात

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, खरसिया : श्रोताओं के दिलों में अमिट छाप छोड़ने वाली कविताओं का जब भी नाम आता है, इनकी मधुर तानों की एक तरंग-सी मन में दौड़ जाया करती है। वहीं जब कवियों द्वारा प्रत्यक्ष रूप से उनकी रचनाएँ सुनने का मौका मिले, तो यह सोने पर सुहागे से कुछ कम नहीं है। कुछ ऐसी ही खुशी खरसिया के कला प्रेमियों के चेहरों पर देखने को मिली, जब विजयादशमी महोत्सव समिति, खरसिया द्वारा रामराज्य गद्दी के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। हास्य कवि और मंच संचालक संदीप शर्मा, धार के नेतृत्व में देश के विभिन्न कवियों ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बेशुमार कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। आमंत्रित कविगणों में जगदीश सोलंकी, कोटा; हिमांशु बवंडर, मुंबई (फाइनलिस्ट, लाफ्टर चैंपियन); पद्मिनी शर्मा, दिल्ली (श्रृंगार की बेमिसाल कवित्री); राहुल शर्मा, उज्जैन (ओज का अनूठा हस्ताक्षर); पार्थ नवीन, प्रतापगढ़ (हास्य पैरोड़ीकार) और कृष्णा भारती (छत्तीसगढ़ी हास्य धमाका) ने कवि सम्मेलन की खूब शोभा बढ़ाई।

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