कुशीनगर में आठ विकास परियोजनाओं को मंजूरी, भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर खर्च होंगे 37 करोड़

अशाेक यादव, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने भगवान गौतमबुद्ध की महापरिनिवार्ण स्थली कुशीनगर में 37 करोड़ की लागत की आठ विकास परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि इस प्रोजेक्ट में भगवान बुद्ध से जुड़ी नदी कुकुत्था के किनारे रिवर फ्रंट बनाने के अलावा कुशीनगर में विपश्यना केंद्र का भी निमार्ण होगा। इसके अलावा पथिक निवासी होटल के सुंदरीकरण समेत अन्य अन्य कार्य होने हैं।

उन्होने बताया कि भगवान बुद्ध की महापरिनिवार्ण स्थली कुशीनगर को संवारने की कवायद हो रही है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट चालू होने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि की संभावना है।

इसको देखते हुए सरकार ने कुशीनगर में पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में बौद्ध सर्किट में सारनाथ व कुशीनगर में 26 परियोजनाओं के विकास को लेकर 167 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

पर्यटन विभाग के अनुसार इन 26 बड़ी परियोजनाओं में आठ परियोजनाएं कुशीनगर की हैं, शेष सारनाथ की हैं। कुशीनगर की परियोजनाओं में कुकुत्था रिवर फ्रंट है, जो चार करोड़ रुपये से विकसित की जाएगी।

इसमें नदी के किनारे पक्का घाट, एप्रोच, पाथवे, भगवान बुद्ध की विभिन्न मुद्रा में बैठी प्रतिमाएं, पार्किंग स्थल, बैठने का पक्का स्थान, पेयजल के लिए आरओ प्लांट आदि की व्यवस्था होगी। इसके अलावा कुशीनगर में दो करोड़ की लागत से फूड प्लाजा, शौचालय उच्चीकरण व पार्किंग का निमार्ण होगा।

छह करोड़ की लागत से विपश्यना केंद्र का विकास होगा। वन विभाग के पार्क को इसके लिए विकसित किया जाएगा। इसके उच्चीकरण, सृदृढ़ीकरण, मेडिटेशन प्वाइंट, चारदीवारी, पाथवे, प्रवेश द्वार, दो तालाब, वाटर एटीएम आदि का निमार्ण कराया जाएगा। 

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