करम की हद हो सकती है लेकिन, जुल्म की कोई हद नहीं : आजम

अशाेक यादव, लखनऊ। पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने अपने परंपरागत अंदाज में नवाबों पर निशाना साधा और सीतापुर जेल में अपने ऊपर हुए जुल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि वह जिंदा है यह ऊपर वाले की नवाजिश और सब लोगों की दुआएं हैं। वर्ना तो उन्हें मारने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई थी। कहा कि करम की कोई हद हो सकती है लेकिन, जुल्म की कोई हद नहीं है। कहा कि 23 जून को सूरज सवा नेजे पर भी आ जाए तो सभी लोग वोट डालने जरूर जाएं।

शहर के मोहल्ला खजान खां के कुएं पर सपा प्रत्याशी आसिम राजा के पक्ष में हुई जनसभा में पूर्व मंत्री ने सीतापुर जेल में बैरक का जिक्र करते हुए कहा कि रात को लेटकर सुबह के बारे में सोचते थे और सुबह को उठकर रात के बारे में सोचा करते थे। उन्होंने अपने परंपरागत अंदाज में नवाबों पर निशाना साधते हुए कहा कि हामिद मंजिल के एक तरफ नाचने वाली नाचती थी और एक तरफ हमारा नवाब नाचता था। नाचने वाली बेखुद होकर गिर जाती थी लेकिन, हमारा नवाब फिर नाचता था।

कहा कि उन नस्लों को वोट नहीं दें जो तुम्हारी तकदीर की दुश्मन हैं। एक ही घर में कांग्रेस के लिए वोट मांगा जाता है और एक ही घर में कमल के फूल के लिए वोट मांगा जाता है। बोले कि यह नवाबों का खमीर है इनके बारे क्या कहूं। जनसभा को आसिम खां, रूही खानम, अदीब आजम, विक्की राज, सपा प्रत्याशी आसिम राजा ने संबोधित किया। अध्यक्षता हाजी इस्लाम ने और संचालन मुकर्रम रजा इनायती ने किया। इस मौके पर शाहजेब खां, संभल के जिलाध्यक्ष फिरोज खां, आसिफ जहां, ओसामा परवीन, हुमैरा खान, शाइस्ता बी, सबीहा समेत काफी तादाद में लोग मौजूद रहे।

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