एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के युवाओं के सपनों पर लगा ग्रहण: प्रियंका गांधी

अशाेेेक यादव, लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने 6900 शिक्षक भर्ती मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ को घेरा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में भर्तियों के नाम पर प्रदेश के युवाओं के साथ लगातार धोखा हुआ है।

प्रदेश सरकार द्वारा एक भी भर्ती न्यायोचित ढंग से नहीं हो पाई। मुख्यमंत्री हर हफ्ते लाखों रोजगार देने की बात करते हैं जबकि हकीकत में युवाओं के बीच बेरोजगारी में यूपी पहले पायदान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री की रोजगार सम्बन्धी घोषणाएं सिर्फ जुमला साबित हुई हैं।

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 शिक्षकों की भर्ती में भारी गड़बड़ी सामने आयी है। भर्ती से सम्बन्धित अधिकारियों के सामने योगी प्रशासन पूरी तरह से पंगु साबित हुआ है। भर्तियों में अनियमितता के चलते हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जारी काउंसलिंग को स्थगित कर दिया है।

69000 शिक्षक भर्ती मामले में अनियमितता आने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए ट्वीट किया है कि एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के युवाओं के सपनों पर ग्रहण लग गया। यूपी की सरकार की अव्यवस्था के चलते तमाम भर्तियां कोर्ट में अटकी हैं।

पेपर लीक, कटऑफ विवाद, फर्जी मूल्यांकन और गलत उत्तरकुंजी- यूपी सरकार की व्यवस्था की इन सारी कमियों के चलते 69000 शिक्षक भर्ती का मामला लटका हुआ है। सरकार की लापरवाही की सबसे ज्यादा मार युवाओं पर पड़ रही है।

वहीं प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र चौधरी ने कहा कि गतिमान 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में तमाम अनियमितताएं हुई। परीक्षा के दौरान पेपर लीक प्रकरण मीडिया में छाया रहा। नकल के मामलों में कई गिरफ्तारियां हुई, एसटीएफ गठित हुई जांच हुई।

उन्होने कहा कि परीक्षा परिणाम में तमाम विसंगतियां दिख रही है। एक ही परिवार व एक ही सेंटर के बच्चों के सामान्य अभ्यर्थियों से समान अंक और टीईटी परीक्षा को किसी तरह से पास करने वाले अभ्यर्थियों का भर्ती परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करना संदेह के घेरे में हैं।

उन्होने कहा कि सरकार को पारदर्शिता के साथ भर्ती करनी चाहिए। धांधली व नकल करके पास हुए अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर करते हुए योग्य अभ्यर्थियों का ही चयन करना चाहिए।

Related Articles

Back to top button