उत्तर प्रदेश में 70 हजार बसें हैं, अगर सरकार चाहती तो कोई भी मजदूर नहीं जाता पैदल

अशाेेेक यादव, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने कहा था, कि लॉकडाउन से कोरोना वायरस रुक जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। कोरोना के लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसे रोक पाना अब सरकार के हाथ नहीं।

पूर्व सीएम ने कहा कि मुंबई में हजारों लोगों के सड़कों पर आकर घर लौटने की मांग को देखते हुए योगी सरकार तुरंत नोडल अधिकारी नियुक्त करे और केंद्र के साथ मिलकर महाराष्ट्र व अन्य राज्यों में फंसे प्रदेश के लोगों को निकाले जो प्रवासी मजदूर नौ , दस दिन से सीमा पर खड़े है, उनको कब घर पंहुचाया जाएगा।

पलायन कर रहे मजदूरों को लेकर अखिलेश यादव ने कहा अगर आपने लॉकडाउन किया था और पूर प्रदेश की सीमाएं सील कर दीं थी, तो मजदूरों के रुकने का इंतजाम क्यों नहीं किया या फिर उन्हें ट्रेन या बस से घर क्यों नहीं पहुंचाया। उत्तर प्रदेश में 70 हजार बसें हैं।

अगर सरकार चाहती तो कोई भी मजदूर पैदल नहीं जाता। आज वह सब बसे कहां है। आखिरकार सरकार को ट्रेन चलानी ही पड़ी। सरकार ने लोगों को डराया और मजदूर डर की वजह से घर की तरफ पैदल चल दिया। मजदूर को लगा कि अगर मरना ही है तो घर पहुंचकर मरें।

हमारे मुख्यमंत्री जी MOU बहुत करते हैं, पहले भी करते रहे हैं। ये MOU वाले वहीं हैं। जिन्होंने डिफेंस एक्सपो और इन्वेस्टर सम्मिट में आये थे। और बोले थे कि पहले के साइन किये गए MOU का क्या हुआ। इनको बेसहाय प्रवासी मजदूरों की कोई चिंता नही हैं। उन्हें चिंता है, तो सिर्फ MOU की।

अखिलेश ने कहा इस बार के चुनाव में हम किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। छोटी पार्टियों को साथ में जरूर लिया जाएगा। सोनिया गांधी की विपक्षी मीटिंग में शामिल न होने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी यूपी में अकेले काम कर रही है। हम कांग्रेस और बीजेपी से दूरियां बनाकर चल रहे हैं।

Related Articles

Back to top button