
राहुल यादव, लखनऊ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना संकट और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति से भाजपा सरकार निबटने में पूरी तरह असफल हो चुकी है । उसके नियंत्रण में न तो प्रशासन है और नहीं अधिकारी । हर ओर मनमानी और लापरवाही है । अफसर बेतुके आदेश कर रहे है । मुख्यमंत्री अपनी असहाय स्थिति महसूस करते हुए भी कुर्सी पकड़े हुए है जबकि प्रदेश की बदहाली के लिए उन्हें तत्काल इस्तीफा देकर प्रस्थान कर जाना चाहिए । राज्य सरकार में निर्णय के स्तर पर कितनी गैरजिम्मेदारी और आपाधापी चल रही है इसका एक उदाहरण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय के महानिदेशक महोदय का यह बयान है कि मोबाइल से भी संक्रमण फैलता है । अगर ऐसा है तो आइसोलेशन वार्ड के साथ पूरे देश में मोबाइल को बैन कर देना चाहिए । यही तो अकेले में बाहरी सम्पर्क का सहारा बनता है । अस्पतालों में जैसी दुर्व्यवस्था की खबरें आ रही है उसका सच जनता तक न पहुंचे इसलिए यह पाबंदी लगाई जा रही है । ऐसे ही पीलीभीत में डीएम साहब ने ईद पर मस्जिदों में लोगों के जुटने और ईद की नमाज की छूट दे दी फिर आदेश वापस लिया । यह कैसी दुविधा की स्थिति है । सच तो यह है कि भाजपा सरकार खुद ही अनिर्णय और असमंजस के हाल में है । भाजपा सरकार के उल्टे – सीधे निर्णयों के नतीजे जनता को भोगने पड़ते हैं । उत्तर प्रदेश के क्वॉरंटीन सेन्टरों में बदइंतजामी से मरीजो का मरना जारी है , फिर भी सरकार जाग नहीं रही है । मेरठ में क्वॉरंटीन सेन्टर में दम घुटने से मेहनतकश मर गया । समाजवादी पार्टी उसके परिवार को एक लाख रूपया देगी । इस तरह के हादसों में श्रमिकों की मौत पर सरकार कम से कम 10 लाख रूपया तो दे । मुम्बई से गोरखपुर चली ट्रेन को उड़ीसा पहुंचा दिया गया । यही सरकार दिशा और दशा है । भाजपा सरकार में सरकार संरक्षित अपराधी बेखौफ दबंगई दिखा रहे हैं । पिछड़ों पर अत्याचार थम नहीं रहा है । प्रतापगढ़ के पट्टी इलाके में खेत में गाय चराने के विवाद में पंचायत होने के बाद भी दबंगों ने सोनेलाल , रामसुख वर्मा , रमेश वर्मा को पीट – पीट कर लहूलुहान कर दिया । आगरा के पिनाहट क्षेत्र में एक किशोरी के साथ रेप हुआ । इसमें स्थानीय भाजपा नेता मामला रफा – दफा कराने में जुट गए हैं । कानून व्यवस्था से खिलवाड़ की घटनाएं रोज ही हर जनपद में हो रही है । फतेहपुर में एक युवक की बेरहमी से सड़क पर पिटाई हुई , पुलिस तमाशबीन बनी रही । जयपुर से बिहार जा रहा मजदूर घायल हो गया । वाराणसी में एक युवक की पत्थर से कूच कर हत्या कर दी गई । कुशीनगर में मुसहर बस्ती के एक युवक की हत्या कर दी गई । गाजियाबाद में 2 बेटियों और 2 नातिनों को कमरे में बंद कर एक व्यक्ति ने आग लगा दी । ये सब घटनाएं जताती है कि अब इस प्रदेश को चलाना भाजपा सरकार के बस में नहीं रह गया है ।