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अमित शाह और नड्डा से मिले कुलदीप बिश्नोई, भाजपा में हो सकते हैं शामिल!

चंडीगढ़। हरियाणा के कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि बिश्नोई जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पिछले महीने हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ मतदान किया था। आदमपुर के 53 वर्षीय विधायक ने नयी दिल्ली में भाजपा नेताओं से मुलाकात की और बाद में उनकी प्रशंसा की।

कुलदीप बिश्नोई को पिछले महीने कांग्रेस ने पार्टी के सभी पदों से निष्कासित कर दिया था। उसके बाद से ही भाजपा से उनकी नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं। बिश्नोई ने अपने ट्विटर प्रोफाइल से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेता राहुल गांधी के साथ अपनी तस्वीरें भी हटा दी हैं।

बिश्नोई ने उनकी जगह अपने पिता एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत भजन लाल के साथ तस्वीरें लगा दी हैं। चार बार के विधायक और दो बार के सांसद बिश्नोई हरियाणा में कांग्रेस द्वारा प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए उनकी उपेक्षा किए जाने के बाद से ही नाराज चल रहे थे। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाने वाले उदय भान को हरियाणा इकाई का प्रमुख नियुक्त किया था।

कुलदीप बिश्नोई ने भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद ट्वीट किया, ‘‘अमित शाह जी से मिलना एक वास्तविक सम्मान और खुशी की बात थी। एक सच्चे राजनेता, मैंने उनके साथ बातचीत में उनकी आभा और करिश्मे को महसूस किया। भारत के लिए उनका दृष्टिकोण विस्मयकारी है।’’ बिश्नोई ने नड्डा से मुलाकात को बेहद गौरव वाला क्षण करार देते हुए एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘मैं जे पी नड्डा जी से मिलकर अत्यंत गौरवान्वित हुआ। उनका सहज और विनम्र स्वभाव उन्हें औरों से मीलों अलग दिखाता है। उनकी सक्षम अध्यक्षता में भाजपा ने अभूतपूर्व ऊंचाइयों को देखा है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना करता हूं।’’

राज्यसभा चुनाव के बाद बिश्नोई ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट कर कहा था, ‘‘मैं सांप के फन को कुचलना जानता हूं। मैं सांपों के डर से जंगल नहीं छोड़ता।’’ कांग्रेस द्वारा पार्टी के सभी पदों से निष्कासित किए जाने के बाद बिश्नोई ने ट्वीट किया था, ‘‘कांग्रेस में कुछ चुनिंदा नेताओं के लिए नियम हैं, सभी नेताओं के लिए नहीं। नियम चुनिंदा तरीके से लागू होते हैं। अतीत में अनुशासनहीनता को बार-बार नजरअंदाज किया गया है। मेरे मामले में मैंने अपनी आत्मा की आवाज सुनी और अपनी नैतिकता के आधार पर काम किया।’’

पिछले महीने बिश्नोई ने कहा था कि वह अपने अगले कदम पर फैसला करने के लिए अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं। भाजपा नेताओं से संपर्क के बारे में पूछे जाने पर बिश्नोई ने कहा कि उनका अगला कदम हरियाणा और उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के हित में होगा। बिश्नोई के पार्टी के खिलाफ मतदान करने के कारण कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन राज्यसभा चुनाव हार गए थे। हरियाणा में कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल है।

गौरतलब है कि 2005 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद भूपिंदर सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बनाए जाने से नाराज होकर कुलदीप बिश्नोई और उनके पिता भजन लाल ने 2007 में हरियाणा जनहित कांग्रेस (एचजेसी) नामक नयी पार्टी का गठन किया था। एचजेसी ने बाद में भाजपा और दो अन्य दलों के साथ गठजोड़ किया था, जिन्होंने संयुक्त रूप से हरियाणा में 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले यह गठबंधन टूट गया था। इसके छह साल बाद कुलदीप बिश्नोई ने अपनी एचजेसी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया था। कांग्रेस में लौटने के बावजूद बिश्नोई और हुड्डा के बीच संबंध कभी बेहतर नहीं रहे।

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