
अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और संघर्ष देखने को मिल रहा है, ऐसे माहौल में कला, संस्कृति और खानपान के जरिए लखनऊ में शांति और एकता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार और व्हाइटस्वान आर्ट, नई दिल्ली के सहयोग से 22 से 25 मार्च 2026 तक ‘विश्व शांति एवं स्थिरता के लिए समर्पित कला, संगीत और व्यंजन उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा।जूद रहेंगे, जो प्रख्यात कलाकार हैं और लखनऊ विश्वविद्यालय के आर्ट कॉलेज के पूर्व डीन रह चुके हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में इतिहासकार और लेखक डॉ. रवि भट्ट और नवभारत टाइम्स के रेजिडेंट एडिटर प्रो. सुधीर मिश्रा भी शामिल होंगे। यह पूरा आयोजन लखनऊ के शहीद स्मृति भवन, राज्य अभिलेखागार में किया जाएगा।

कार्यक्रम में 23 मार्च को व्हाइटस्वान आर्ट की फाउंडर डॉ. अंजली निगम तानपुरे पर प्रार्थना से कार्यक्रम की शुरुआत करेंगी। इसके बाद ‘विश्व शान्ति एवं स्थिरता में समर्पित कला’ विषय पर पैनल चर्चा होगी और लखनऊ के उभरते कलाकारों का संगीत कॉन्सर्ट भी आयोजित किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के विस्मृत व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां UNESCO से मिले गैस्ट्रोनॉमी दर्जे का जश्न मनाया जाएगा। 24 मार्च को PYSSUM (एक संस्था जो वंचित बच्चों की सहायता करती है) के सहयोग से विशेष जरूरतों वाले और वंचित बच्चों के लिए आर्ट कैंप आयोजित होगा, जिसमें कलाकार और आर्ट स्कूल भाग लेंगे। वहीं 25 मार्च को कार्यक्रम का समापन होगा।

सांस्कृतिक आयोजन विश्व शांति और विकास की राह दिखाते हैं
आयोजन पर अपने विचार रखते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, कला और संस्कृति केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और मानवीय मूल्यों को सशक्त करने का सशक्त साधन हैं। सांस्कृतिक आयोजन विश्व शांति और विकास की राह दिखाते हैं।