
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में चल रही तीन दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला और प्रदर्शनी का समापन आज कला वीथिका में किया गया। दीन दयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन महाजन मुख्य अतिथि रहे।नगर परिषद की अध्यक्ष सुश्री साधना पटेल और पूर्व कुलगुरु प्रो भरत मिश्रा विशिष्ट अतिथि रहे। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो आलोक चौबे ने अध्यक्षता की। आयोजक मंडल के रूप में डॉ प्रसन्न पाटकर, डॉ अभय कुमार वर्मा, डॉ राकेश कुमार मंच मौजूद रहे। इस मौके मंचासीन अतिथि विद्वानों ने अतिथि विद्वानों ने कार्यशाला में उपस्थित ख्यातिलब्ध कलाकारों एवं शोधार्थियों को उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
समापन समारोह की गतिविधियों का प्रारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और प्रदर्शनी में लगाई गई क्रिएटिव कलाकृतियों के अवलोकन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागियों की उत्कृष्ट कृतियों की लगाई गई प्रदर्शनी को उपस्थित जनों ने सराहा।
इस मौके पर मुख्य अतिथि अभय महाजन ने कहा सारी विकृतियों की जड़ मैं की मानसिकता में है। कला संस्कृति ही आदमी को सही रास्ते में ले सकती है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में क्रिएटिव आर्ट इसका उचित माध्यम हो सकता है। मुझे प्रसन्नता है ग्रामोदय विश्वविद्यालय ने इस दिशा में सार्थक और युगानुकुल पहल की है। विशिष्ट अतिथि सुश्री साधना पटेल, अध्यक्ष नगर परिषद चित्रकूट ने इस आयोजन की प्रशंसा की।
समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो आलोक चौबे ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय की विकास यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने एवं नए आयामों से परिचित होने का अवसर प्रदान करती हैं।
कार्यशाला अपने उद्देश्य के अनुसार चित्रकला के विविध आयामों, तकनीकों तथा समकालीन विषयों पर कलाकारों के बीच संवाद स्थापित करने में सफल रही। अतिथि कला विशेषज्ञों की ओर से अंतरराष्ट्रीय कलाकार डॉ गीता दास जम्मू/दिल्ली और किशन सोनी ने अपने और कलाकारों के अनुभव साझा किए।
आयोजक मंडल द्वारा प्रस्तुत अतिथि परिचय और परंपरागत स्वागत के पश्चात कार्यक्रम संयोजक डॉ अभय कुमार वर्मा ने कार्यशाला का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कार्यशाला में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
डॉ वर्मा ने बताया कि कार्यशाला के विशेष सत्रों में विशेषज्ञ कलाकारों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसमें चित्रकला की बारीकियों, सृजनात्मक दृष्टिकोण एवं प्रस्तुतीकरण के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। विभागाध्यक्ष ललित कला डॉ प्रसन्न पाटकर ने आयोजक मंडल, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। संचालन डॉ आर के पांडेय ने किया।