
नीरजा चौहान, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) , लखनऊ में लर्निंग आउटकम-आधारित पाठ्यक्रम ढांचा (LOCF) विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में देश के प्रमुख संस्थानों से आए प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने सहभागिता कर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान प्रख्यात शिक्षाविदों में प्रो. राज कुमार मित्तल, कुलपति, बीबीएयू, प्रो. भीमराया मेट्री, निदेशक, आईआईएम नागपुर, प्रो. अनु सिंह लाठर, कुलपति, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली तथा प्रो. आलोक कुमार राय, निदेशक, आईआईएम कलकत्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ आईआईएम नागपुर के वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. आलोक कुमार सिंह एवं प्रो. सुजीत के. शर्मा भी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, कर्नाटक राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. विष्णुकांत एस. चटापल्ली ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में सहभागिता की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य लर्निंग आउटकम-आधारित पाठ्यक्रम ढांचा के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उसके परिष्करण पर चर्चा करना रहा, जिससे उच्च शिक्षा संस्थानों में परिणाम-आधारित शिक्षा (Outcome-Based Education) को और अधिक मजबूत किया जा सके तथा शैक्षणिक मानकों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।
इस बैठक का समन्वयन बीबीएयू के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अर्पित शैलेश द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षाविदों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न पदाधिकारियों, जिनमें डीनगण, डीन अकादमिक कार्य, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, निदेशक आईक्यूएसी, निदेशक अनुसंधान एवं विकास तथा एनईपी समन्वयक शामिल रहे, के साथ विस्तृत संवाद भी किया।
बैठक के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा पाठ्यक्रम ढांचे को राष्ट्रीय शिक्षा लक्ष्यों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।