
अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस (21 मार्च) के मौके पर उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। तराई की हरियाली और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। लखीमपुर खीरी के पलिया स्थित दुधवा में इंटरप्रिटेशन सेंटर के इको पर्यटन विकास, महेशपुर वन रेंज में इको-टूरिज्म विकास और दिल्ली-एनसीआर व लखनऊ से आने वाले राजमार्गों पर साइनेज लगाने के लिए 8.79 करोड़ रुपए की पहली किश्त जारी की गई है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस- 2026 की थीम ‘वन और अर्थव्यवस्थाएं’ है। यह थीम स्पष्ट तौर पर प्रदेश के वन क्षेत्र को पर्यावरण तक सीमित न रखते हुए, रोजगार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने का संदेश देती है।

दुधवा इंटरप्रिटेशन सेंटर का इको-टूरिज्म विकास
लखीमपुर खीरी के पलिया स्थित दुधवा नेशनल पार्क के इंटरप्रिटेशन सेंटर का इको पर्यटन विकास किया जाएगा। इसके लिए करीब 4.49 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें से 3.36 करोड़ रुपए की पहली किश्त जारी कर दी गई है। योजना के तहत यहां एक भव्य और आकर्षक मुख्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा, जो दुधवा की थीम को दर्शाएगा। इसके अलावा स्वागत कक्ष, नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, कैंटीन, बहुउद्देशीय सभागार और पुस्तकालय का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
महेशपुर वन रेंज में पर्यटन विकास को रफ्तार
वहीं, लखीमपुर खीरी के महेशपुर वन रेंज को इको-टूरिज्म के तौर पर विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इस परियोजना के लिए करीब 2.39 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है, जिसमें से लगभग 1.78 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी भी कर दी गई है। इसके अलावा, इंटरलॉकिंग पाथवे, जानवरों की 3D आकृतियां और सेल्फी पॉइंट बनाए जाएंगे। साथ ही, बेंच, एलईडी लैंप से लैस स्ट्रीट पोल और सोलर स्ट्रीट लाइट्स भी लगाई जाएगी, जिससे क्षेत्र की सुंदरता और सुविधाएं दोनों बढ़ेंगी।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘दुधवा नेशनल पार्क और महेशपुर वन रेंज में विकसित हो रही आधुनिक सुविधाएं, इंटरप्रिटेशन सेंटर का उन्नयन और प्रमुख मार्गों पर साइनेज की व्यवस्था पर्यटकों को विशेष अनुभव प्रदान करेगी।