
वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा कानपुर देहात का शुक्ला तालाब के सन्निकट बारादरी
अनुपूरक न्यूज एजेंसी, लखनऊ : राजस्थान और मध्यप्रदेश की तर्ज पर राज्य के किले, हवेली सहित अन्य विरासत संपत्तियों को विकसित कर देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा। झांसी के बरुआसागर फोर्ट को हेरिटेज होटल और कानपुर देहात के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक शुक्ला तालाब के निकट बारादरी को हेरिटेज होटल/वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग इन्हें पुनः उपयोगी बनाकर पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगा। जल्द ही पर्यटक यहां स्थानीय आर्ट एंड क्राफ्ट, कुजीन, कल्चर और ओडीओपी आदि का आनंद ले सकेंगे। विकासकर्ताओं के द्वारा नजदीकी एक गांव को गोद भी लिया जाएगा। इसके लिए निदेशक पर्यटन प्रखर मिश्र तथा रेडवुड होल्डिंग एंड रियलिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरु व नीमराना होटल्स प्राइवेट लिमिटेड राजस्थान के प्रतिनिधियों के बीच आज अनुबंध पर हस्ताक्षर हुआ।
यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बुंदेलखंड सहित राज्य की अन्य ऐतिहासिक संपत्तियों को उनके पुराने स्वरूप को बरकरार रखते हुए उपयोगी बनाया जाएगा। इन संपत्तियों को नया जीवन देने के साथ ही उसके पुराने वैभव को लौटाने और इनसे आय प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है।
जयवीर सिंह ने बताया कि नीमराना होटल्स प्राइवेट लिमिटेड राजस्थान, बुंदेलखंड के बरुआसागर, झांसी का विकास करेगी। नीमराना होटल्स, नीमराना फोर्ट पैलेस राजस्थान, तेजारा फोर्ट पैलेस अलवर राजस्थान सहित देश की ऐसी 31 हेरिटेज संपत्तियों का संचालन कर रही है। इसी तरह, रेडवुड होल्डिंग एंड रियलिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरु कानपुर देहात के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक शुक्ला तालाब के नजदीक बारादरी का विकास करेगा। रेडवुड, पीलीभीत हाउस हरिद्वार, कंजर्वेशन ऑफ़ राजा महल ओरछा (मध्यप्रदेश) सहित अन्य कई हेरिटेज प्रॉपर्टी का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है।
पर्यटन विभाग की इस पहल से उत्तर प्रदेश में विरासत पर्यटन के साथ-साथ डेस्टिनेशन वेडिंग बढ़ेंगे। प्रॉपर्टी के विकास और संचालन में 25 प्रतिशत स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा। इसके साथ ही ओडीओपी प्रोडक्ट को प्रमोट किया जाएगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक धरोहरों की लंबी श्रृंखला है। इनका अपना गौरवशाली इतिहास है। राज्य में विरासत पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग इसे धरातल पर उतार रहा है जो कि वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।