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	<title>surybharat, Author at Suryoday Bharat</title>
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	<description>Hindi News Agency</description>
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		<title>बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में &#8216;विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल- 2025&#8217; विषयक संगोष्ठी आयोजित</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/a-seminar-on-developed-india-education-foundation-bill-2025-was-organised-at-babasaheb-bhimrao-ambedkar-university/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:57:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में मंगलवार 24 फरवरी को बीबीएयू एवं भारतीय शिक्षण मंडल अवध‌ प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में &#8216;विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल- 2025&#8217; विषय पर संगोष्ठी एवं चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-24-at-15.55.00-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-307083" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ :</strong> बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में मंगलवार 24 फरवरी को बीबीएयू एवं भारतीय शिक्षण मंडल अवध‌ प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में &#8216;विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल- 2025&#8217; विषय पर संगोष्ठी एवं चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन‌ जी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बीबीएयू के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल, विशिष्ट अतिथि एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी, मुख्य वक्ता एवं रामदेव बाबा विश्वविद्यालय, नागपुर के चांसलर एवं एआईसीटीई के पूर्व चेयरमैन डॉ. एस.एस. मांथा एवं बीबीएयू के प्रो. कमल जायसवाल उपस्थित रहे। </p>



<p>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन‌ ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में अर्थ और ज्ञान दोनों ही समान रूप से आवश्यक हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को ज्ञान अर्जित करने के साथ-साथ अर्थोपार्जन भी करना चाहिए। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-24-at-15.55.04-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-307084" /></figure>



<p>कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना नहीं है, बल्कि भारत को सामाजिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी समृद्ध एवं संतुलित बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा नवाचार की जननी है और शिक्षा के माध्यम से ही नवाचार, अनुसंधान तथा शोधनिर्माण को नई दिशा मिलती है।  &#8216;लाइट एंड टाइट&#8217; का मूलमंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य जहां नागरिकों को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाए रखते हैं, वहीं उन्हें गंभीरता, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ अपनाना भी आवश्यक है, क्योंकि इन्हीं के माध्यम से विकसित भारत–2047 का स्वप्न साकार हो सकेगा। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-24-at-15.55.06-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-307085" /></figure>



<p>लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत एक व्यापक प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल 2025 के माध्यम से सामने आया है। </p>



<p>रामदेव बाबा विश्वविद्यालय, नागपुर के चांसलर एवं एआईसीटीई के पूर्व चेयरमैन डॉ. एस.एस. मांथा ने चर्चा के दौरान कहा कि विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (वीबीएसए) विधेयक, 2025 उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक व्यापक और संरचनात्मक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी रूप से लागू करना है।</p>



<p>अंत में आयोजन समिति की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट करके उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही गृह विज्ञान विद्यापीठ की संकायाध्यक्ष प्रो. यूवी किरण ने धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-24-at-15.55.05-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-307086" /></figure>



<p>विद्यार्थियों के लिये दो विशिष्ट तकनीकी सत्रों तथा एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इन सत्रों में &#8216;विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक–2025&#8217; विषय पर विभिन्न शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों ने अपने गहन एवं विश्लेषणात्मक विचार प्रस्तुत किए। <strong>प्रथम सत्र</strong> की अध्यक्षता ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति प्रो. अजय तनेजा एवं क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह उपस्थित रहे। <strong>द्वितीय सत्र</strong> की अध्यक्षता राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शसानी एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के प्रो. सर्वनारायण झा उपस्थित रहे।</p>



<p>कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, आमंत्रित अतिथिगण, शोधार्थी, प्रतिभागी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।<br>          </p>
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		<title>अदाणी इंटरनेशनल स्कूल में IRIS नेशनल फेयर का आयोजन, भारत की स्टेम प्रतिभाओं को मिला राष्ट्रीय मंच</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/iris-national-fair-organized-at-adani-international-school-indias-stem-talents-get-national-platform/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 14:09:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, अहमदाबाद : अदाणी इंटरनेशनल स्कूल, शांतिग्राम में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित IRIS नेशनल फेयर 2025-26 ने अहमदाबाद को स्कूल लेवल साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) आधारित रिसर्च और इनोवेशन का राष्ट्रीय केंद्र बना दिया। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में 12 राज्यों और 24 शहरों से आए 75 &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-09-at-16.55.09-1024x773.jpeg" alt="" class="wp-image-306285" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, अहमदाबाद : </strong>अदाणी इंटरनेशनल स्कूल, शांतिग्राम में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित IRIS नेशनल फेयर 2025-26 ने अहमदाबाद को स्कूल लेवल साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) आधारित रिसर्च और इनोवेशन का राष्ट्रीय केंद्र बना दिया। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में 12 राज्यों और 24 शहरों से आए 75 छात्र इनोवेटर ने भाग लिया। स्टूडेंट्स के साथ-साथ टीचर, रिसचर्स और मेंटर्स की भागीदारी ने इस मंच को स्कूल की क्लास और किताबों से आगे ले जाकर वास्तविक दुनिया की वैज्ञानिक समस्याओं और समाधानों से जोड़ा।</p>



<p>IRIS (एसटीईएम में अनुसंधान और इनोवेशन के लिए पहल), एक्सस्टेम्पलर एजुकेशन लिंकर्स फाउंडेशन की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर के सरकारी और निजी स्कूलों के कक्षा 5 से 12 तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और शोध संस्कृति को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम युवा भारतीय इनोवेटर्स को अपने मौलिक वैज्ञानिक रिसर्च प्रोजेक्ट्स को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर देता है, साथ ही उत्कृष्ट परियोजनाओं को पहचान और सम्मान प्रदान करता है। IRIS के माध्यम से चयनित छात्र अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए इंटरनेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर में भारतीय दल का हिस्सा बनने का अवसर भी प्राप्त करते हैं।</p>



<p>कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए गुजरात सरकार की राज्य शिक्षा मंत्री रिवाबा रविंद्र सिंह जडेजा ने कहा, “आज शोध केवल विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है। इसकी शुरुआत अदाणी इंटरनेशनल स्कूल जैसे संस्थानों से होती है। जब बच्चे कम उम्र में सवाल पूछना, प्रयोग करना और असफलता से सीखना शुरू करते हैं, तभी वैज्ञानिक सोच विकसित होती है। स्कूलों को केवल शिक्षा केंद्र नहीं, बल्कि विचारों और समाधानों के इनक्यूबेटर बनना होगा।” </p>



<p>इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए अदाणी ग्रुप की प्रमोटर और अदाणी इंटरनेशनल स्कूल &#8211; डायरेक्टर (नॉन-एग्जीक्यूटिव) नम्रता अदाणी ने कहा, “अदाणी इंटरनेशनल स्कूल में हमारा मानना है कि जिज्ञासा को बचपन से पोषित करना चाहिए और सीखने की सीमा किताबों से आगे होनी चाहिए। IRIS नेशनल फेयर जैसे मंच विद्यार्थियों को प्रयोग करने, प्रश्न उठाने और वास्तविक चुनौतियों पर ज्ञान लागू करने का अवसर देते हैं।” </p>



<p>कार्यक्रम की शुरुआत प्रिंसिपल्स एवं एजुकेटर्स कॉन्फ्रेंस से हुई, जिसमें अहमदाबाद के कई स्कूल के एजुकेशनल लीडरशिप ने भाग लिया और स्टेम शिक्षा में इनक्वायरी-बेस्ड तथा अनुभवात्मक शिक्षण को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।</p>



<p>छात्रों ने क्यूरेटेड प्रदर्शनियों के माध्यम से अपने मौलिक शोध प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन और मार्गदर्शन मिला। 7 फरवरी को फेयर का औपचारिक उद्घाटन हुआ, जिसके साथ प्रतिस्पर्धात्मक मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हुई। IRIS नेशनल फेयर, इंटरनेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर 2026 के लिए क्वालिफाइंग प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है। इस वर्ष 15 प्रोजेक्ट्स को गोल्ड मेडल और 10 को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। गोल्ड मेडल विजेता अब वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंतिम चयन दौर में प्रवेश करेंगे।</p>



<p>समापन समारोह में नम्रता अदाणी और अमित सिंह, सीईओ- इंटरनेशनल एनर्जी बिजनेस, अदाणी ग्रुप सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। IRIS नेशनल फेयर की मेजबानी ने अदाणी इंटरनेशनल स्कूल की उस पहचान को और सुदृढ़ किया, जो अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ स्टेम रिसर्च, वैश्विक प्रतियोगिताओं, खेल, कला और नेतृत्व विकास जैसे सह-पाठ्यक्रम क्षेत्रों में निरंतर उपलब्धियों से जुड़ी है। IRIS नेशनल फेयर 2025–26 का सफल आयोजन इस बात का सशक्त उदाहरण है कि कैसे स्कूल आज प्रारंभिक शोध, सहयोग और इनोवेशन को अगली पीढ़ी के वैज्ञानिक सोच को आकार दे रहे हैं।</p>
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		<title>केंद्रीय बजट 2026-27 से विकसित भारत के संकल्प को नई गति : स्वतंत्र देव सिंह</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/union-budget-2026-27-will-give-new-impetus-to-the-resolve-of-a-developed-india-swatantra-dev-singh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 04:26:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / अलीगढ : जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार अलीगढ़ सर्किट हाउस सभागार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में एक दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर, &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-07-at-18.35.18-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-306229" /></figure>



<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / अलीगढ : जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार अलीगढ़ सर्किट हाउस सभागार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में एक दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर तेज़ी से आगे ले जाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, </p>



<p>स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि बजट में ग्रामीण भारत के उत्थान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के माध्यम से खादी, हस्तकला, ओडीओपी, कौशल-विकास और ब्रांडिंग को वैश्विक बाज़ार से जोड़कर गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के क्षेत्र में टियर-2 और टियर-3 शहरों को विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर परिवहन और उच्च-गति रेल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए सस्ती वित्तीय सहायता, ऋण गारंटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर व्यापार को सरल बनाया गया है।</p>



<p>जल शक्ति मंत्री ने कहा कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष फोकस किया गया है। नए शैक्षिक संस्थानों, एवीजीसी केंद्रों और स्वास्थ्य पेशेवरों के विस्तार से युवाओं के लिए भविष्य के अनुरूप अवसर तैयार होंगे। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए STEM शिक्षा, उद्यमिता और सुरक्षित आवास सुविधाओं को बढ़ावा दिया गया है। मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 देश के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाला बजट है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">इस अवसर पर सांसद सतीश गौतम, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह, विधायक इगलास राजकुमार सहयोगी, विधायक कोल अनिल पाराशर, विधायक छर्रा रवेन्द्रपाल सिंह, एमएलसी डा0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह एवं चौ0 ऋषिपाल सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।</h4>
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		<item>
		<title>जन भवन में 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन आमजन ने किया अवलोकन</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/the-public-visited-the-57th-regional-fruit-vegetable-and-flower-exhibition-on-the-second-day-at-jan-bhavan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 04:12:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में जन भवन ( राज भवन ) प्रांगण, लखनऊ में 06 फरवरी, 2026 से आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन आज बड़ी संख्या में दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/the-public-visited-the-57th-regional-fruit-vegetable-and-flower-exhibition-on-the-second-day-at-jan-bhavan/">जन भवन में 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन आमजन ने किया अवलोकन</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-07-at-20.13.42-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-306222" /></figure>



<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में जन भवन ( राज भवन ) प्रांगण, लखनऊ में 06 फरवरी, 2026 से आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन आज बड़ी संख्या में दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित जैविक उत्पादों, प्राकृतिक फूलों से निर्मित भव्य एवं कलात्मक आकृतियों तथा उद्यानिकी नवाचारों को देखने के लिए सुबह से ही दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी।</p>



<p>प्रदर्शनी में ‘वंदे मातरम्’ (बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में), ऑपरेशन सिंदूर थीम पर आधारित सजावट, श्रीकृष्ण की बांसुरी, गोवर्धन पर्वत, भारत के संविधान की प्रतिकृति, नंदी एवं शिवलिंग, स्वामी विवेकानंद, राष्ट्रीय ध्वज, बिरसा मुंडा, अहिल्याबाई होल्कर, गुरुकुल पाठशाला, रूफ टॉप गार्डनिंग, समुद्री जीवों की झांकी, तितली, गरुड़, विवाह मंडप, सारस पक्षी जोड़ा, सुदर्शन चक्र एवं शंख सहित अनेक विषयों पर आधारित पुष्प आकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जो प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-07-at-20.13.47-1024x731.jpeg" alt="" class="wp-image-306223" /></figure>



<p>प्रदर्शनी का अवलोकन करने आए कृषकों एवं आगंतुकों को विभागीय विशेषज्ञों एवं विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों से आए वैज्ञानिकों द्वारा पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन, शहद उत्पादन, हाइड्रोपोनिक्स, मशरूम उत्पादन, छत एवं गमलों में खेती तथा हाईटेक नर्सरी से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही बागवानी फसलों से संबंधित साहित्य का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है। स्कूली बच्चों ने प्रदर्शनी के माध्यम से पौधारोपण, जैविक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं</p>



<p>प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न कारागारों द्वारा उत्पादित शाकभाजियाँ, मौसमी रंग-बिरंगे पुष्प जैसे पेटूनिया, पैंजी, सिनरेरिया, पालीएन्थस, स्वीट विलियम, एस्टर, गेंदा, गुलाब, डहेलिया, बोगनवेलिया के साथ-साथ कैक्टस, सक्यूलेंट्स, फलदार एवं शोभाकार पौधों की बोनसाई प्रदर्शित की गई हैं। इसके अतिरिक्त निर्यात योग्य पुष्पों जैसे लिलियम, कारनेशन, ट्यूलिप एवं जरबेरा की प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गई हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-07-at-20.13.42-1-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-306224" /></figure>



<p>जन भवन उद्यान में स्थित पंचतंत्र वाटिका, धन्वंतरि वाटिका, कमल ताल, चिड़ियाघर, नवग्रह, राशि, नक्षत्र वाटिका तथा मियावाकी वन भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।</p>



<p>जन भवन के छोटे लॉन में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में कृषि नवाचार, जैविक उत्पाद, एआई एवं रोबोटिक तकनीक, औषधीय पौधों के साथ-साथ भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट द्वारा प्रदर्शित ड्रोन, रोबोटिक्स, रक्षा उपकरणों, ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृतियों एवं अत्याधुनिक हथियारों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एआई एवं रोबोटिक मॉडल, कृषि विश्वविद्यालयों के शोध-आधारित उत्पादों तथा ‘वन जेल वन प्रोडक्ट’ के अंतर्गत प्रदर्शित वस्तुओं की दर्शकों द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की गई।</p>



<p>प्रदर्शनी जनसामान्य के अवलोकन हेतु 09 फरवरी, 2026 तक प्रतिदिन खुली रहेगी।</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/the-public-visited-the-57th-regional-fruit-vegetable-and-flower-exhibition-on-the-second-day-at-jan-bhavan/">जन भवन में 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन आमजन ने किया अवलोकन</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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		<title>केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को मिले 125 करोड़ रुपये</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/uttar-pradesh-receives-rs-125-crore-from-the-union-agriculture-minister-under-the-national-pulses-self-sufficiency-mission/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 03:15:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, सीहोर / लखनऊ : मध्य प्रदेश के सीहोर में आयोजित राष्ट्र-स्तरीय परामर्श कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उत्तर प्रदेश में दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन देने हेतु 125 करोड़ रुपये का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-07-at-22.32.23-1024x749.jpeg" alt="" class="wp-image-306217" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, सीहोर / लखनऊ :</strong> मध्य प्रदेश के सीहोर में आयोजित राष्ट्र-स्तरीय परामर्श कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उत्तर प्रदेश में दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन देने हेतु 125 करोड़ रुपये का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्रदेश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की ठोस कार्ययोजना को बल मिलेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।</p>



<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूर्य प्रताप शाही ने उत्तर प्रदेश में दलहन उत्पादन की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं और किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से प्रदेश दलहन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। इस दौरान विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों और मिशन निदेशकों के साथ दलहन आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर विस्तृत चर्चा की गई।</p>



<p>इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और ओडिशा के उप-मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव उपस्थित रहे। साथ ही मध्य प्रदेश की पिछड़ा वर्ग राज्य मंत्री कृष्णा गौड़, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री एडल सिंह कसाना, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री राम विचार नेताम, राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, गुजरात के कृषि मंत्री रमेशभाई भूराभाई कटारा, बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री आशीष जायसवाल, मिशन निदेशक राष्ट्रीय दलहन मिशन संजय कुमार अग्रवाल एवं महानिदेशक आईसीएआरडीईओ अली अनुसाना तथा महानिदेशक आईसीएआर डॉ एम एल जाट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
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		<item>
		<title>बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का हुआ समापन</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/three-day-research-methodology-workshop-concludes-at-babasaheb-bhimrao-ambedkar-university/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 20:23:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में दिनांक 6 फरवरी को शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का समापन हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। मुख्य अतिथि के तौर जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार के पूर्व कुलपति प्रो. &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-06-at-18.10.28-1024x768.jpeg" alt="" class="wp-image-306209" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : </strong>बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में दिनांक 6 फरवरी को शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का समापन हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। मुख्य अतिथि के तौर जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर शिक्षा विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही, प्रो. हरिशंकर एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संगीता चौहान उपस्थित रहीं। </p>



<p>कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज के युवाओं के कंधों पर ही आने वाले कल के भविष्य की जिम्मेदारी निहित है। उन्होंने कहा कि युवा शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं और इसके लिए विश्वविद्यालयों एवं युवाओं को परस्पर सहयोग के साथ कार्य करना होगा, जिससे वे देश की आर्थिक प्रगति, नीति निर्माण तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपना सक्रिय योगदान दे सकें। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-06-at-18.10.29-1024x768.jpeg" alt="" class="wp-image-306210" /></figure>



<p>पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तनमयता एवं एकाग्रता के साथ ज्ञान अर्जित करना चाहिए, क्योंकि ज्ञान व्यक्ति में आत्मबोध की भावना विकसित करता है। उन्होंने कहा कि सही अर्थों में देखा जाए तो विद्या ही वह माध्यम है, जो एक सामान्य मनुष्य को हंस से परमहंस बनाने की क्षमता रखती है।</p>



<p>प्रो. राज शरण शाही ने चर्चा के दौरान कहा कि शोध का विद्यार्थी जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। क्योंकि शोध के माध्यम से विद्यार्थी समाज से जुड़ते और जटिल समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं तथा उनके समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करते हैं। </p>



<p>प्रथम सत्र लखनऊ विश्वविद्यालय के मानवविज्ञान विभाग के प्रो. उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में &#8216; क्वालिटेटिव डेटा एनालिसिस&#8217; विषय पर आयोजित किया गया। द्वितीय सत्र दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में &#8216;क्वांटिटेटिव डेटा एनालिसिस&#8217; विषय पर तृतीय सत्र जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार के पूर्व कुलपति &#8216;कॉन्सेप्ट ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड रिपोर्ट राइटिंग&#8217; विषय पर आयोजित किया गया।</p>



<p>कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को कुलपति एवं मुख्य अतिथि द्वारा विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में प्रो. हरिशंकर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-06-at-18.10.35-1024x768.jpeg" alt="" class="wp-image-306211" /></figure>



<p>समस्त कार्यक्रम के दौरान डॉ. बुद्धि सागर गुप्ता, डॉ. सुभाष मिश्रा, डॉ. लालिमा, डॉ. शिखा तिवारी, डॉ. विक्टोरिया सुजैन,‌ डॉ. मीना विश्वेश्वर, डॉ. विवेक नाथ त्रिपाठी, अन्य शिक्षक, शोधार्थी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।</p>
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		<item>
		<title>बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में हुआ प्रबंध विकास कार्यक्रम का आयोजन</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/management-development-programme-organised-at-babasaheb-bhimrao-ambedkar-university/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 20:12:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार 6 फरवरी को प्रबंध अध्ययन विभाग,बीबीएयू एवं एमएसएमई- विकास कार्यालय, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन पर आधारित &#8216;प्रबंध विकास कार्यक्रम&#8217; का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। मुख्य अतिथि के तौर &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-06-at-17.17.43-1024x768.jpeg" alt="" class="wp-image-306203" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ :</strong> बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार 6 फरवरी को प्रबंध अध्ययन विभाग,बीबीएयू एवं एमएसएमई- विकास कार्यालय, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन पर आधारित &#8216;प्रबंध विकास कार्यक्रम&#8217; का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर डायरेक्टर, एमएसएमई- विकास कार्यालय, कानपुर वी.के. वर्मा मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू , एमएसएमई असिस्टेंट डायरेक्टर नीरज कुमार एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तरुणा उपस्थित रहीं। </p>



<p>कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवाओं को इस बात पर गंभीरता से चिंतन करना होगा कि वे केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि रोजगार सृजन करने वाले बनें, तभी विकसित भारत–2047 का सपना साकार हो सकेगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-06-at-17.17.44-1024x768.jpeg" alt="" class="wp-image-306204" /></figure>



<p> डायरेक्टर वी.के. वर्मा ने एमएसएमई के कार्यों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह क्षेत्र युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई का मुख्य उद्देश्य लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना है।</p>



<p>एमएसएमई असिस्टेंट डायरेक्टर नीरज कुमार ने चर्चा के दौरान कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की जीडीपी और समग्र अर्थव्यवस्था में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला क्षेत्र है, जो व्यापक स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। </p>



<p>अंत में डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो.‌एस. विक्टर बाबू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ. लता बाजपेयी सिंह, डॉ. कृष्ण मुरारी, डॉ. सलिल सेठ, डॉ. अनिल यादव, डॉ. देवेंद्र, अन्य शिक्षक, शोधार्थी, प्रतिभागी एवं विद्यार्थी कार्यक्रम में मौजूद रहे।</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/management-development-programme-organised-at-babasaheb-bhimrao-ambedkar-university/">बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में हुआ प्रबंध विकास कार्यक्रम का आयोजन</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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		<item>
		<title>बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का हुआ उद्घाटन</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/three-day-research-methodology-workshop-inaugurated-at-babasaheb-bhimrao-ambedkar-university/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 20:00:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में बुधवार 4 फरवरी को शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज की पूर्व &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-04-at-16.05.49-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-306197" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : </strong>बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में बुधवार 4 फरवरी को शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज की पूर्व कुलपति प्रो. सीमा सिंह उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त मंच पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग की प्रो. मीनाक्षी सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. रजनी रंजन सिंह, शिक्षा विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही, प्रो. हरिशंकर सिंह एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संगीता चौहान उपस्थित रहीं। </p>



<p>कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि अनुसंधान हमारे ज्ञान का एक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक अध्ययन है, जिसमें सटीकता, विश्वसनीयता और वैधता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। क्योंकि इन्हीं के आधार पर किसी भी शोध को पूर्ण एवं सार्थक माना जाता है। उन्होंने बताया कि अनुसंधान समस्या का चयन करते समय शोधार्थी को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि विषय प्रासंगिक और उद्देश्यपूर्ण हो। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-04-at-16.05.56-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-306198" /></figure>



<p>राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. सीमा सिंह ने युवाओं को शोध-शक्ति के समान बताते हुए कहा कि भारत एक युवा-प्रधान देश है और यदि युवा अपनी ऊर्जा व क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग करें, तो देश को एक नई एवं सकारात्मक दिशा प्रदान की जा सकती है। </p>



<p>बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग की प्रो. मीनाक्षी सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. रजनी रंजन सिंह एवं शिक्षा विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही ने भी आयोजन समिति को इस प्रकार के कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु हार्दिक बधाई दी। अंत में प्रो. हरिशंकर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>



<p>इस अवसर पर प्रथम सत्र दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. रजनी रंजन सिंह की अध्यक्षता में &#8216;बेसिक पैराडाइम ऑफ एजुकेशनल रिसर्च&#8217; विषय पर आयोजित किया गया। द्वितीय एवं तृतीय सत्र बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. मीनाक्षी सिंह की अध्यक्षता में क्रमशः &#8216;टूल कंस्ट्रक्शन फॉर टेस्ट&#8217; एवं &#8216;टूल कंस्ट्रक्शन फॉर स्केल&#8217; विषय पर आयोजित किया गया।</p>



<p>समस्त कार्यशाला के दौरान आईक्यूएसी डॉयरेक्टर प्रो. शिल्पी वर्मा, डॉ. बुद्धि सागर गुप्ता, डॉ. सुभाष मिश्रा, डॉ. लालिमा, डॉ. शिखा तिवारी, डॉ. विक्टोरिया सुजैन,‌ डॉ. राजेश इक्का , डॉ. मीना विश्वेश्वर, डॉ. विवेक नाथ त्रिपाठी, अन्य शिक्षक, शोधार्थी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/three-day-research-methodology-workshop-inaugurated-at-babasaheb-bhimrao-ambedkar-university/">बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का हुआ उद्घाटन</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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		<item>
		<title>IRCTC द्वारा पूर्वी भारत के लिए “डिवाइन ईस्ट टेम्पल टूर” नामक एक नया रेल-आधारित पर्यटन सर्किट लॉन्च</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/irctc-launches-a-new-rail-based-tourism-circuit-called-divine-eastern-temples-tour-for-the-eastern-part-of-india/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 19:43:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.suryodaybharat.com/?p=306189</guid>

					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (IRCTC), जो भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, ने अपनी भारत गौरव डीलक्स पर्यटक ट्रेन पर &#8220;दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा&#8221; नामक एक नया पर्यटन सर्किट शुरू किया है। सावधानीपूर्वक तैयार की गई यह &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-07-at-16.36.56-1024x928.jpeg" alt="" class="wp-image-306190" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : </strong>भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (IRCTC), जो भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, ने अपनी भारत गौरव डीलक्स पर्यटक ट्रेन पर &#8220;दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा&#8221; नामक एक नया पर्यटन सर्किट शुरू किया है। सावधानीपूर्वक तैयार की गई यह 10 दिवसीय रेल यात्रा श्रद्धालुओं और यात्रियों को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के कुछ सबसे पूजनीय तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध विरासत स्थलों के दर्शन का अनूठा अवसर प्रदान करती है।</p>



<p>यह यात्रा दिल्ली के सफदरजंग से शुरू होगी और वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम होते हुए दिल्ली वापस लौटेगी। यात्रा के प्रमुख स्थलों में वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर (ज्योतिर्लिंग) और गंगा आरती शामिल हैं। इसके बाद भारत की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता की यात्रा होगी, जिसमें विक्टोरिया मेमोरियल और अन्य शहर के आकर्षण तथा काली घाट (शक्ति पीठ) और दक्षिणेश्वर काली मंदिर जैसे महत्वपूर्ण मंदिर शामिल हैं। गंगासागर के पवित्र तटों की एक दिवसीय यात्रा, जिसमें सागर संगम में स्नान और कपिल मुनि मंदिर के दर्शन शामिल हैं, इस यात्रा का मुख्य आकर्षण है।यह यात्रा पुरी तक जारी रहेगी, जहां आपको पूजनीय श्री जगन्नाथ मंदिर के दर्शन के साथ-साथ भुवनेश्वर, धौली शांति स्तूप, उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं, कोणार्क सूर्य मंदिर (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल) और अन्य दर्शनीय स्थलों सहित ओडिशा के व्यापक पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का अवसर मिलेगा। यात्रा का अंतिम आध्यात्मिक गंतव्य भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बैद्यनाथ धाम (देवघर) है, जहां से 18 मार्च 2026 को दिल्ली के सफदरजंग लौटकर एक यादगार और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा का समापन होगा।</p>



<p>IRCTC का यह सर्व-समावेशी टूर धार्मिक और मनोरंजक पर्यटन का एक आदर्श मिश्रण है, जिसका उद्देश्य यात्रियों को एक सहज, सुरक्षित और समृद्ध यात्रा अनुभव प्रदान करना है। भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जैसे कि एसी III, एसी II और एसी I श्रेणी के सुसज्जित केबिन, स्वच्छ शाकाहारी भोजन परोसने वाले ऑनबोर्ड रेस्तरां, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और समर्पित टूर मैनेजर।</p>



<p>IRCTC ने इस विशेष ट्रेन टूर को 1 एसी श्रेणी के लिए 1,06,940 रुपये प्रति व्यक्ति, 2 एसी के लिए 98,925 रुपये और 3 एसी श्रेणी के लिए 79,285 रुपये प्रति व्यक्ति की कीमत पर लॉन्च किया है। पैकेज की कीमत में एसी श्रेणी में ट्रेन यात्रा, एसी होटलों में आवास, सभी भोजन (केवल शाकाहारी), एसी वाहनों में सभी परिवहन और दर्शनीय स्थल, यात्रा बीमा और IRCTC टूर मैनेजरों की सेवाएं आदि शामिल हैं। डिवाइन ईस्ट टेंपल टूर के लिए बुकिंग IRCTC के पर्यटन पोर्टल और देश भर में अधिकृत IRCTC पर्यटन कार्यालयों के माध्यम से खुली हैं।</p>



<p>वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) को कवर करने वाला 10 दिवसीय यात्रा कार्यक्रम। भारत गौरव डीलक्स पर्यटक ट्रेन 9 मार्च, 2026 को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। प्रमुख धरोहर स्थल, मंदिर और समुद्र तट, साथ ही गंगासागर में स्नान, इस यात्रा के मुख्य आकर्षण हैं। ट्रेन में एसी I, II और III श्रेणियों में 150 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है, साथ ही इसमें 2 रेस्तरां कार भी हैं, जो इस ट्रेन का एक प्रमुख आकर्षण है</p>



<p><strong>अधिक जानकारी</strong>, यात्रा कार्यक्रम और बुकिंग संबंधी जानकारी के लिए यात्री www.irctctourism.combharatgaurav पर जा सकते हैं या मोबाइल नंबर 8287930299 (प्रफुल्ला), 8287930484 (सुभाष्री), 8287930032 (अभिषेक), 8595931047 (मोनिका) और 8882826357 (प्रणीत) पर संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/irctc-launches-a-new-rail-based-tourism-circuit-called-divine-eastern-temples-tour-for-the-eastern-part-of-india/">IRCTC द्वारा पूर्वी भारत के लिए “डिवाइन ईस्ट टेम्पल टूर” नामक एक नया रेल-आधारित पर्यटन सर्किट लॉन्च</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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		<title>भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती रैली &#8211; क्लर्क/स्टोरकीपर तकनीकी श्रेणी के लिए 874 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/indian-army-agniveer-recruitment-rally-874-candidates-participated-for-clerk-storekeeper-technical-category/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[surybharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 19:30:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : भर्ती कार्यालय लखनऊ द्वारा आयोजित लखनऊ छावनी स्थित एएमसी स्टेटियम में आयोजित भर्ती रैली के दूसरे दिन शनिवार 07 फरवरी 2026 को संबंधित 13 जिलों की सभी तहसीलों के लिए अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT) श्रेणी के लिए भर्ती रैली आयोजित की गई । इस श्रेणी के लिए संबंधित &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-07-at-15.18.22-1024x683.jpeg" alt="" class="wp-image-306182" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ :</strong> भर्ती कार्यालय लखनऊ द्वारा आयोजित लखनऊ छावनी स्थित एएमसी स्टेटियम में आयोजित भर्ती रैली के दूसरे दिन शनिवार 07 फरवरी 2026 को संबंधित 13 जिलों की सभी तहसीलों के लिए अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT) श्रेणी के लिए भर्ती रैली आयोजित की गई ।</p>



<p>इस श्रेणी के लिए संबंधित 13 जिलों से कुल 1103 अभ्यर्थियों को बुलावा पत्र भेजा गया था जिसमें 874 (79.23%) अभ्यर्थियों ने इस भर्ती रैली में हिस्सा लिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-07-at-15.18.25-780x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-306183" style="width:840px;height:auto" /></figure>



<p>रविवार 08 फरवरी 2026 को अग्नीवीर तकनीकी श्रेणी के लिए भर्ती आयोजित की जायगी जिसमें औरैया, कानपुर देहात, कन्नौज, चित्रकूट, उन्नाव, बांदा और लखनऊ जिले के अंतर्गत आनेवाले सभी तहसीलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे।</p>



<p>आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस (ARO) लखनऊ के तहत उत्तर प्रदेश के 13 जिले &#8211; औरैया, चित्रकूट, कन्नौज, बांदा, महोबा, हमीरपुर, बाराबंकी, गोंडा, कानपुर देहात, उन्नाव, कानपुर नगर, फतेहपुर और लखनऊ शामिल हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-07-at-15.18.40-1024x939.jpeg" alt="" class="wp-image-306184" /></figure>



<p>अभ्यर्थियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें और दलालों के झांसे में न आएं या किसी भी गलत तरीके का इस्तेमाल न करें, क्योंकि सेना में चयन पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी होता है, जिसका मकसद सशस्त्र बलों के लिए सबसे अच्छे व योग्य अभ्यर्थियों का चयन करना है।</p>
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