
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड और खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ने पारंपरिक कारीगरों को प्रोत्साहन देने के लिए एक और कदम बढ़ाया। शनिवार को लखनऊ के गांधी भवन प्रेक्षागृह में “राज्य स्तरीय माटीकला एवं ग्रामोद्योग पुरस्कार वितरण समारोह-2025” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने किया।
मंत्री राकेश सचान ने अपने संबोधन में कहा कि योगी सरकार माटीकला और खादी उद्योग को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सुधार और रोजगार सृजन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग अनिल कुमार सागर ने कहा कि वर्ष 2024-25 में 2,325 विद्युत चालित चाक, 375 पगमिल मशीनों का वितरण और 300 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने माटीकला बोर्ड की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब तक 48,048 कारीगर परिवारों का चिन्हांकन किया गया है। इसके अलावा, 19,650 लाभार्थियों को प्रशिक्षण और 122 सहकारी समितियों की स्थापना भी की गई है।

कार्यक्रम में राज्य स्तरीय माटीकला और ग्रामोद्योगी पुरस्कार प्रदान किए गए। माटीकला श्रेणी में आजमगढ़ के आनंद कुमार प्रजापति को प्रथम पुरस्कार (40,000 रुपये), अयोध्या के राम सजीवन प्रजापति को द्वितीय पुरस्कार (30,000 रुपये) और कानपुर देहात के विपिन कुमार को तृतीय पुरस्कार (20,000 रुपये) से सम्मानित किया गया। वहीं, ग्रामोद्योगी श्रेणी में मेरठ की मुनेश को प्रथम, बांदा के अर्जुन को द्वितीय और वाराणसी के अशोक कुमार जायसवाल को तृतीय पुरस्कार मिला।
कार्यक्रम का समापन संजय कुमार पाण्डेय, नोडल अधिकारी के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इस अवसर पर सचिव प्रांजल यादव, उ०प्र० माटीकला बोर्ड एवं खादी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।