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मायावती ने खुलासा करते हुए बताया की, सपा-बसपा गठबंधन ने कांग्रेस के लिए क्यों छोड़ी दी अमेठी और रायबरेली सीट ?

नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने रविवार को खुलासा किया कि समाजवादी पार्टी के साथ उनके गठबंधन ने कांग्रेस के लिए अमेठी और रायबरेली सीट क्यों छोड़ दी. मायावती ने कहा, ‘हमने देश में, जनहित में खासकर भाजपा-आरएसएसवादी ताकतों को कमजोर करने के लिए यूपी में अमेठी-रायबरेली लोकसभा सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी. ताकि इसके दोनों सर्वोच्च नेता इन्हीं सीटों से फिर से चुनाव लड़ें और इन दोनों सीटों में ही उलझ कर ना रह जाएं. फिर कहीं भाजपा इसका फायदा यूपी के बाहर कुछ ज्यादा ना उठा ले. इसे खास ध्यान में रखकर ही, हमारे गठबंधन ने दोनों सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी थीं.

मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे गठबंधन का एक एक वोट हर हालत में दोनों कांग्रेस नेता को मिलने वाले हैं.’ बता दें, उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर हुए बसपा-सपा-रालोद गठबंधन ने अपने उम्मीदवार अमेठी और रायबरेली सीट से नहीं उतारे हैं. बसपा 38, सपा 37 और रालोद तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है. मायावती ने शनिवार को कांग्रेस पर मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट के बसपा उम्मीदवार को डरा-धमकाकर और खरीद-फरोख्त के जरिये अपने पक्ष में करने का आरोप लगाते हुए उनकी पार्टी में तोड़फोड़ न करने की चेतावनी दी थी.

मुरैना के मेला ग्राउंड में मुरैना लोकसभा क्षेत्र से बसपा उम्मीदवार और हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना के समर्थन में चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने आरोप लगाया, ‘हाल ही में मध्य प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र से बसपा के प्रत्याशी को कांग्रेस ने डरा धमकाकर और खरीद फरोख्त के जरिये अपने पक्ष में किया है, जो एक बड़ा धोखा है.’ बसपा प्रमुख ने कांग्रेस के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में उनकी पार्टी मध्य प्रदेश या कहीं भी कांग्रेस और भाजपा के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी. मायावती ने कांग्रेस सरकार को चेतावनी दी कि वह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर बसपा में तोड़फोड़ का काम न करे,

नहीं तो उसे भविष्य में काफी महंगा पड़ेगा और वह इन करतूतों का ब्याज सहित बदला लेंगी. उन्होंने कहा कि ऐसा ही काम करने के लिये हमने केंद्र की पूर्व अटल बिहारी सरकार को गिरा दिया था. उन्होंने गुना संसदीय क्षेत्र के बसपा मतदाताओं से अपील कि बसपा प्रत्याशी के कांग्रेस में चले जाने के बाद भी बसपा के चुनाव चिन्ह पर ही वोट करें, ताकि कांग्रेसियों को समझ में आ जाये कि वे (मतदाता) बिकाऊ नहीं हैं. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह गुना लोकसभा सीट से बसपा के उम्मीदवार लोकेन्द्र सिंह कांग्रेस में शामिल हो गये थे. सिंह ने गुना लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपना समर्थन दिया है और स्वयं को चुनावी दौड़ से बाहर घोषित कर दिया है.

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