
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में 11 अप्रैल को नए प्रधानमंत्री के लिए मतदान को लेकर बैठक बुलाई गई हैं। अल जजीरा ने यह रिपोर्ट दी हैं। रविवार तड़के तक चले घटनाक्रम में सत्तारूढ़ दल के सदस्यों और अध्यक्ष की अनुपस्थिति के बीच सदन में हुए मत विभाजन में इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 174 वोट पड़े। जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया। इमरान खान और गठबंधन सहयोगियों विश्वास मत खो दिया। उन्हें खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और अपने वादों को पूरा करने में विफल रहने का दोषी ठहराया गया।
संयुक्त विपक्ष ने पहले ही ऐलान किया था कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शहबाज शरीफ उनके संयुक्त उम्मीदवार होंगे। ऐसे में शहजाब शरीफ सोमवार को देश के नये प्रधानमंत्री चुने जा सकते हैं। इसी बीच, शहबाज ने संकल्प जताया कि नई सरकार प्रतिशोध की राजनीति में शामिल नहीं होगी। शहबाज ने कहा, ”मैं अतीत की कड़वाहट में वापस नहीं जाना चाहता। हमें इसे भूलकर आगे बढ़ना होगा। हम कोई बदले की कार्रवाई या अन्याय नहीं करेंगे। हम बिना वजह किसी को जेल नहीं भेजेंगे।”
इमरान के करीबियों पर छापेमारी का दौर भी शुरू हो गया है। पीटीआई का आरोप है कि आज सुबह इमरान खान का सोशल मीडिया देखने वाले अर्सलान खालिद घर छापा मारा गया है। पीटीआई पार्टी ने खुद ट्वीट कर अर्सलान खालिद के घर छापेमारी की जानकारी दी है। पार्टी की ओर से लिखा गया कि ये एक बेहद परेशान कर देने वाली खबर है. डॉ. अर्सलान खालिद के घर छापा मारा गया है. साथ ही उनके परिवार के सभी सदस्यों से मोबाइल फोन छीन लिया गया है।
पाकिस्तान में सुरक्षा एवं संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने किसी भी सरकारी अधिकारी को बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के विदेश जाने से रोकने के निर्देश दिए हैं तथा इसको लेकर आव्रजन कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया हैं। एफआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह कदम शनिवार देर रात नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया के दौरान अध्यक्ष अशद कैसर के पद से इस्तीफा देने के मद्देनजर उठाया गया है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट सुरक्षा बल को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है और विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों की जांच तेज कर दी गई है। फआईए और हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अलर्ट रहने और किसी भी सरकारी अधिकारी को बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के देश छोड़ने से रोकने के निर्देश मिले हैं। रावलपिंडी के गैरीसन शहर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।