पूर्वाेत्तर रेलवे पर 101.93 किमी. ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग कमीशन, प्रथम वर्ष में पूरा किया शतक

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, गोरखपुर : महाप्रबंधक, पूर्वाेत्तर रेलवे सुश्री सौम्या माथुर के कुशल मार्गदर्शन में पूर्वाेत्तर रेलवे पर भी रेल खण्डों का दोहरीकरण, तीसरी लाइन, नई रेल लाइन, स्टेशनों का पुनर्विकास के साथ ही ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।

पूर्वाेत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के बस्ती-गोविन्दनगर 06.20 रूट किलोमीटर की ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली की कमीशनिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह कार्य बहुत ही सुगम तरीके से बिना किसी ट्रेन परिचालन को प्रभावित किए सम्पन्न किया गया। मार्च,2025 में पूर्वोत्तर रेलवे किया गया यह ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली की तीसरी कमीशनिंग है। इसके साथ ही, वर्ष 2024-25 के दौरान पूर्वाेत्तर रेलवे पर अब तक 101.93 रूट किलोमीटर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है।

प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, पूर्वाेत्तर रेलवे राजेश कुमार पाण्डेय की कुशल नेतृत्व में मुख्य सिग्नल दूरसंचार इंजीनियर आर के सिंह, उपमुख्य सिग्नल एवं दूर संचार इंजीनियर परियोजना/लखनऊ सत्यदेव पाठक, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर/लखनऊ वैभव श्रीवास्तव, स्टेशन निदेशक, गोरखपुर जे. पी. सिंह, सहायक मंडल सिग्नल दूरसंचार इंजीनियर वेद प्रकाश, सहायक सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, परियोजना/लखनऊ सर्वदानंद पांडे और उनकी टीम ने इस ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली की कमीशनिंग कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बस्ती-गोविन्दनगर खण्ड के ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का कार्य पूरा होने पर लखनऊ मंडल में गोविन्द नगर से डोमिनगढ़ तक 65.72 किमी. तथा वाराणसी मंडल में कुसम्ही से देवरिया सदर तक 36.21 किमी. ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का कार्य पूरा हो चुका है।

पूर्वाेत्तर रेलवे पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग सिस्टम की शुरूआत वर्तमान वित्तवर्ष के आरम्भ में जगतबेला-मगहर (14.65 किमी.) खण्ड के कमीशनिंग के साथ हुई, जिसके बाद लगातार आगे बढ़ते हुए वित्तवर्ष के अन्त तक 100 किमी. पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त किया। ऑटोमेटिक खण्डों पर ट्रेनें सुगमतापूर्वक एवं संरक्षित तरीके से चल रही है।

Related Articles

Back to top button