
अशाेेेक यादव, लखनऊ। पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से आज टकराने वाला तूफान अम्फान सुपर साइक्लोन में तब्दील हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा में काफी रफ्तार में आगे बढ़ रहा है।
ऐसा सुपर साइक्लोन अपने पीछे तबाही छोड़ जाता है। अनुमान है कि इसकी गति अभी और बढ़ेगी। साइक्लोन अम्फान आज दोपहर तक पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हादिया में टकरा सकता है।
तूफान कितना खतरनाक है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि तटीय गांव खाली कराए जा रहे हैं। रेल, बस सेवाओं के रूट बदले गए हैं। वहीं जल, थल व हवाई सेना को अलर्ट रहने को कहा गया है। चक्रवात अम्फान अपने केंद्र में 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
चक्रवाती तूफान ओडिशा के पारादीप तट के पास पहुंचने वाला है। सुबह 8ः30 बजे यह मात्र पारादीप तट से 120 किलोमीटर दूर पूर्व-दक्षिण पूर्व में था। यह सुंदरवन के पास है।
तूफान के खतरे को देखते हुए ओडिशा में 1704 कैम्प बनाए गए हैं। साथ ही 1,19,075 लोगों को तटिए इलाके से दूर ले जाया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात की रफ्तार काफी से बढ़ रही है।
कैम्प्स के अलावा ओडिशा में 2000 से ज्यादा मकान तैयार हैं, जिनमें जरूरत पड़ने पर तटवर्ती इलाके के लोगों को रखा जाना है। इससे पहले ही यहां मछुआरों और समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को वहां से हटा लिया गया है।
सुपर साइक्लोन अम्फान का असर मॉनसून पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून आने में कुछ समय की देरी हो सकती है. भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि पहले मॉनसून के 1 जून तक आने की संभावना थी लेकिन अब अम्फान साइक्लोन की वजह से कुछ दिनों और लग सकते हैं।
वहीं, केरल में भी मॉनसून के देर से पहुंचने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा कि केरल में इस बार मॉनसून देर से पहुंचेगा। मौसम विभाग ने बताया कि केरल में इस साल मॉनसून पांच जून तक आ सकता है।