नई दिल्ली: बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट पर इस बार दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा। पूरे देश की नजर इस सीट पर टिक गई है। एक ओर भाजपा के गिरिराज सिंह हैं तो दूसरी तरफ जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार हैं। राजद ने बेगूसराय से तनवीर हसन को उम्मीदवार बनाया है। कन्हैया ये लड़ाई लड़ने के लिए लोगों से वोट के साथ नोट भी मांग रहे हैं। पिछले 28 घंटे में कन्हैया ने 28 लाख रुपए जुटाए हैं। कन्हैया ने एक वीडियो जारी किया और ऑनलाइन फंड जुटाने का अभियान शुरू किया गया।
हालांकि बिहार के चुनाव में नोट के साथ वोट का फॉर्मूला इससे पूर्व भी कई नेताओं ने आजमाया है। प्रसिद्ध समाजवादी मधु लिमये हों या जॉर्ज फर्नांडिस, इन्हें लोगों ने वोट दिया और नोट भी दिए। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बेगूसराय सीट पर भाजपा को 39.72 फीसदी वोट मिले थे जबकि दूसरे नंबर पर रही राजद को 34.31 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे। कन्हैया कुमार की पार्टी सीपीआई के उम्मीदवार को 17.87 फीसदी वोट मिले थे। अगर मतदाताओं की बात करें तो बेगूसराय में करीब पौने पांच लाख भूमिहार मतदाता हैं जो भाजपा के परंपरागत वोटर माने जाते हैं।
वहीं 2.5 लाख मुसलमान मतदाता हैं। गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार दोनों ही भूमिहार हैं जबकि राजद ने मुस्लिम उम्मीदवार तनवीर हसन को टिकट दिया है। यहां यादव मतदाताओं की भी बड़ी संख्या है। गौरतलब है कि कन्हैया ने लोकसभा चुनाव के लिए ऑनलाइन 70 लाख का फंड जुटाने के लिए अपने चुनावी अभियान के साथ-साथ एक समानांतर अभियान शुरू किया है। रविवार को जब कन्हैया की उम्मीदवारी की घोषणा की गई थी तभी सीपीआई के नेताओं ने साफ कर दिया था कि चूंकि मुकाबला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उम्मीदवार गिरिराज सिंह के साथ है, इसलिए साधन-संसाधन में उनका मुकाबला नहीं किया जा सकता। इसके लिए लोगों से आर्थिक मदद के साथ-साथ वोट मांगने का अभियान शुरू किया जाएगा।