शिमला: भारी बर्फबारी के बीच लाहौल घाटी में हिमखंड गिरने से भागा नदी का बहाव रुक गया है। इससे रुके हुए पानी का स्तर धीरे धीरे बढ़ रहा है। घाटी में बीते 19 जनवरी से लगातार बर्फबारी हो रही है। कई इलाकों में अब तक 60 से 90 सेंटीमीटर तक बर्फ गिर चुकी है। हिमखंड गिरते हुए प्रत्यक्ष देखने वाले गौशाल निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि तांदी संगम से महज 500 मीटर दूर हिमखंड गिरने से भागा नदी का बहाव रुक गया है। बताया कि केलांग की तरफ से दो से तीन जगहों भी हिमखंड गिरे हैं। भागा नदी का बहाव थम जाने से पानी ने झील का आकार ले लिया है। कहा कि झीलनुमा पानी का बहाव एक साथ टूटने से नदी के किनारे बसे गांव को खतरा हो सकता है। इधर, प्रशासन ने भी घाटी में हिमखंड गिरने की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आगामी 27 जनवरी तक बर्फबारी की चेतावनी जारी की है।
बीते सोमवार को लाहौल के पट्टन इलाके में मशालों का त्यौहार हालड़ा उत्सव मनाया गया। उत्सव में शरीक होने के लिए केलांग और उदयपुर से कई कर्मचारी और स्कूली बच्चे अपने घर गए हुए हैं। लगातार हो रही बर्फबारी के बीच जान जोखिम में डाल कर कुछ लोग पैदल ही केलांग की तरफ निकल रहे हैं। हालड़ा उत्सव मनाकर कुछ लोग घर से बर्फबारी के बीच केलांग की तरफ निकले। टोकटोकचा के समीप सामने की पहाड़ी से गिरे हिमखंड के बर्फीली हवा के बीच यह लोग फंस गए। इनमें कुछ स्कूली बच्चे भी शामिल थे। हालांकि इन लोगों को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। बर्फीले तूफान गिरने पर ओम प्रकाश, शकुन व रमेश ने बताया कि इस दौरान उन्होंने कई बार नजदीक से हिमखंड गिरते देखा। हिमखंडों के साए में बर्फबारी के बीच कई किलोमीटर पैदल चलना आसान नहीं है।