ब्रेकिंग:

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के जोनल प्रमुखों को आगाह किया, ट्रेनों की लेट-लतीफी हुई तो प्रमोशन रुकेगा

लखनऊ: रेलगाड़ियों की लेटलतीफी अब रेल अधिकारियों पर भारी पड़ने वाली है. रेलगाड़ियों के समय पर नहीं चलने से सम्बद्ध आला अधिकारियों की पदोन्नति प्रभावित हो सकती है. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के जोनल प्रमुखों को आगाह किया है कि रेल सेवाओं में देरी का असर उनके प्रदर्शन मूल्यांकन में आंशिक देरी के रूप में हो सकता है. इससे उन्हें इन सेवाओं में अनुशासन सुधारने के लिए एक महीने का समय मिला है.

पिछले सप्ताह एक विभागीय बैठक में गोयल ने इस मुद्दे को लेकर जोनल महाप्रबंधकों की खिंचाई की. मंत्री ने कहा कि रेल सेवाओं में देरी के लिए अधिकारी रखरखाव काम का बहाना नहीं बना सकते. रेल मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 जून तक अगर उन्हें कोई सुधार नजर नहीं आया तो सम्बद्ध महाप्रबंधक को पदोन्नति के लिए विचार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनके (अधिकारियों) कार्य निष्पादन देरी सूची में उनके स्थान पर निर्भर करेगा.’

वित्त वर्ष 2017-18 में भारतीय रेलवे नेटवर्क की 30 प्रतिशत गाड़ियां देरी से चल रही थीं. इस संख्या में इन गर्मियों के छुट्टियों में भी कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा है. सूत्रों के अनुसार, उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक को गोयल की नाराजगी सबसे अधिक झेलनी पड़ी. इस जोन में गाड़ियों के समय पर चलने यानी सेवा अनुशासन का आंकड़ा 29 मई तक बहुत ही खराब 49.59 प्रतिशत है, जो पिछले साल की तुलना में 32.74 प्रतिशत अधिक खराब है.

सूत्रों ने कहा, ‘मंत्री ने रेलगाड़ियों में देरी की आलोचना की लेकिन वह यह भी समझते हैं कि बड़ी मात्रा में पटरियों को बदले जाने का कुछ खामियाजा भी है. हालांकि, अनुशासन का आंकड़ा उनकी अपेक्षा से बहुत ही खराब है. स्पष्ट रूप से जोनल अधिकारी अपनी अक्षमता को छुपाने के लिए रखरखाव काम को बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.’

नार्दर्न रेलवे के जनरल मैनेजर पर गोयल की नाराजगी सबसे ज्‍यादा रही. क्‍योंकि 29 मई तक उनके रीजन में ट्रेनों को समय पर चलने का प्रदर्शन 49.59 फीसदी रहा, जो कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 32.74 फीसदी कम था. गोयल नार्दर्न रेलवे के प्रमुख पर सबसे ज्‍यादा सख्‍त दिखे, क्‍योंकि उस जोन का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा.

सूत्रों के अनुसार, मंत्री ने प्रत्येक जोनल प्रमुख को व्यक्तिगत रूप से बुलाया तथा उनसे इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा. उल्लेखनीय है कि पिछले महीने प्रगति बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाड़ियों में देरी को लेकर गोयल से सवाल किए थे.

Loading...

Check Also

संविधान की शपथ लेकर असंवैधानिक कार्य करना लोकतंत्र के लिए घातक – राम गोविंद चौधरी

लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश या संविधान के नाम पर सिर्फ हंगामा खड़ा कर …

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com