लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला के कुंडा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ की शुक्रवार को रमाबाई आंबेडकर मैदान लखनऊ में विशाल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में मुख्य अतिथि के तौर पर राजा भैया मौजूद रहे। राजाभैया को सुनने के लिए रैली में सात राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र से उनके समर्थक पहुंचे थे। इस दौरान मंच से समर्थकों को संबोधित करते हुए राजा भैया ने अपने नयी पार्टी बनाने का मुख्य कारण बताया। रामाबाई रैली स्थल पहुंचने पर राजा भैया का समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मंच से उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि 25 साल विधानसभा में पूरे होने पर सर्वे कराया गया, 20 लाख लोगों ने सर्वे में भाग लिया और 80 फीसदी से ज्यादा लोगों ने नए दल के गठन के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के नाम के लिए चुनाव आयोग में प्रक्रिया चल रही है, जनसत्ता दल, जनसत्ता पार्टी या जनसत्ता लोक तांत्रिक पार्टी में से कोई नाम मिलेगा। राजा भैया ने कहा कि मजदूर, किसान और जवान के लिए हमारी पार्टी संकल्पित है,
हमारी पार्टी सेना और अर्धसैनिक जवानों के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का एजेंडा है कि सेना और अर्धसैनिक बल के जवानों के सीमा पर शहीद होने पर 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। हम लोग दलित और गैर दलित के बीच के खाई को समाप्त करेंगे। बाहुबली नेता, निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया शुक्रवार को ही राजा भैया के राजनीतिक जीवन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसके चलते राजा भैया के समर्थकों ने रैली को राजा भैया रजत जयंती अभिनंदन समारोह का नाम दिया है। उन्होंने इस रैली के माध्यम से अपने नए राजनीतिक सफर की हुंकार भरी। लखनऊ के रमाबाई मैदान में आयोजित रैली में उन्होंने अपनी नई पार्टी के नाम के साथ ही एजेंडे का भी ऐलान किया। इस रैली को राजा भैया का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। बता दें कि राजा भैया ने 19 नवंबर को एक प्रेसवार्ता की थी। इसमें उन्होंने एसससी-एसटी एक्ट, प्रमोशन में आरक्षण का विरोध किया था। राजा भैया ने कहा था कि प्रमोशन का आधार वरिष्ठता और गुणवत्ता होनी चाहिए, जाति नहीं। इस दौरान उन्होंने नई पार्टी के गठन का ऐलान भी किया था।
उन्होंने बताया था कि जनसत्ता पार्टी, जनसत्ता लोकतांत्रिक पार्टी और जनसत्ता दल के नाम से पार्टी के लिए तीन नाम चुनाव आयोग को भेजे गए हैं। पार्टी सिंबल के लिए चुनाव आयोग को लेटर लिखा गया है। राजाभैया को सुनने के लिए रैली में सात राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र से उनके समर्थक पहुंचे थे। रजत जयंती समारोह के प्रदेश प्रवक्ता अश्वनी सिंह ने बताया कि इन सात प्रदेशों के लोगों का लखनऊ में गुरुवार से आगमन शुरू हो गया था। रैली में हजारों की भीड़ जनसत्ता पार्टी के रंग में रंगी नजर आ रही थी। राजा भैया के समर्थक हाथों में झंडे, पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए उत्साहित नजर आ रहे थे। वहीं राजा भैया की पार्टी के झंडे और बैनर लगे दो पहिया से लेकर चार पहिया वाहन राजधानी की सड़कों पर नजर आ रहे थे।
हालांकि रैली में मौजूद पदाधिकारी 3 से 4 लाख लोगों के जुटने का दावा कर रहे थे।राजा भैया की रैली के लिए प्रतापगढ़ के लोगों ने एक खास ट्रेन बुक कराई थी। ये ट्रेन शुक्रवार को सुबह लखनऊ पहुँच गई। इस ट्रेन में सवार होकर भारी संख्या में समर्थक रमाबाई मैदान में एकत्र हुए। वहीं इस रैली में राजा भैया की रैली के लिए समर्थकों ने खास टी शर्ट छपवाई है। इस टी शर्ट में राजा भैया की तस्वीर लगी हुई है। समर्थक इस टी शर्ट को पहन कर रैली में शामिल हुए थे। राजा भैया की रैली से कई दिन पहले ही राजधानी लखनऊ की सड़कें राजा भैया के बैनर और होर्डिंग से पट गए थे। राजा भैया का अच्छा खासा प्रभाव प्रतापगढ़ और इलाहाबाद जिले के कुछ हिस्से में हैं। उनकी छवि एक दबंग और क्षत्रिय नेता के तौर पर है। ऐसे में अलग-अलग पार्टियों के क्षत्रिय विधायकों से उनके रिश्ते काफी बेहतर हैं। राजाभैया, राज्य की सपा सरकार में मंत्री भी रहे हैं।