
अशाेक यादव, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी पहली अप्रैल से अंग्रेजी शराब महंगी हो जाएगी। एक मोटे अनुमान के अनुसार अंग्रेजी शराब के लोकप्रिय ब्रांड के क्वार्टर पर लगभग पांच रूपये की बढ़ोत्तरी होगी। इसके अलावा देसी शराब अब दूध व जूस की ही तरह टेट्रा पैक (मोटे कागज की पैकिंग) में भी बिकेगी।
प्रदेश सरकार ने हालांकि देसी शराब के अधिकतम विक्रय मूल्य में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की है मगर टेट्रा पैक में देसी शराब का पउवा अब 85 रूपये का मिलेगा। नई आबकारी नीति के मुताबिक अभी लाइसेंसी दुकानों से देसी शराब का पउवा पेट बोतल यानि प्लास्टिक की बोतल में बिकता है।
इसी तरह बीयर के अधिकतम विक्रय मूल्य में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गयी है। देश में बनी और विदेशों से आने वाली अंग्रेजी शराब और बीयर के महंगे ब्राण्ड अब हवाई अड्डों पर खुलने वाले प्रीमियम रिटेल स्टोर में भी मिलेंगे।
व्यक्तिगत प्रयोग के लिए निर्धारित फुटकर सीमा 16 बोतल से अधिक शराब या बीयर अपने पास रखने के लिए अब वैयक्तिक होम लाइसेंस लेना होगा। निजी प्रयोग हेतु व्यक्तियों को निर्धारित फुटकर सीमा 16 बोतल से अधिक मदिरा क्रय, परिवहन एवं निजी कब्जे में निर्धारित शर्तो के अधीन रखने के लिए हर साल 12,000 रूपये की लाइसेंस फीस एवं प्रतिभूति धनराशि 51,000 जमा करनी होगी।
यह सारे प्रावधान उ.प्र.सरकार की आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए घोषित नयी आबकारी नीति में किये गये हैं। इस नीति को शुक्रवार को कैबिनेट ने बाई सर्कुलेशन अपनी मंजूरी दी है। इस नयी नीति में देसी व अंग्रेजी शराब की लाइसेंस फीस में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गयी है। जबकि बीयर की फुटकर दुकानों की लाइसेंस फीस नहीं बढ़ायी गयी है।
प्रदेश के फुटकर शराब व बीयर विक्रेताओं के संगठन शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव कन्हैया लाल मौर्य ने कहा कि अंग्रेजी शराब की फुटकर दुकानों की लाइसेंस फीस में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने से अंग्रेजी शराब के दामों में प्रति क्वार्टर पांच रूपये की बढ़ोत्तरी होगी।
मगर इस नयी नीति में चूंकि देसी शराब के अधिकतम विक्रय मूल्य को नहीं बढ़ाया गया है मगर देसी शराब की फुटकर दुकानों की लाइसेंस फीस में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी गयी है इसलिए इससे देसी शराब के फुटकर विक्रेताओं को नुकसान होगा।