लखनऊ। पं0 गोविन्द बल्लभ पन्त सांस्कृतिक उपवन (गोमती तट) पर शाम ए अवध का नजारा-देश की दो महान विभूतियां-एक ओर देश के सबसे बड़े राज्य के सिरमौर-कर्मठ, ईमानदार, यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तो दूसरी ओर देश की थल सेना के (दूनिया की दूसरी बड़ी थल सेना) प्रमुख -लोकप्रिय कर्मठ, अनुशासन प्रिय, बहादुर कुशल जनरल विपिन रावत उत्तराखण्ड महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड महोत्सव के उद्घाटन दिवस पर शिरकत करते हुए-हजारों हजार की भीड़ जिनमें बच्चे, नौजवान, बुजुर्ग, विशिष्ट सेवा मैडल प्राप्त सैनिक दीर्घा में बैठे भूतपूर्व सैनिक, परम्परागत पर्वतीय परिधानों एवं आभूषणों में माताऐं-बहनें-सभी हर्ष से उत्साहित अपनों को अपने बीच पाकर-इस अविस्मरणीय क्षण को अपनी नजरों से दिलों में उतारते हुए-एक समय ऐसा लगा कि शाम भी आज जल्दी ओझल नही होना चाहती-गजब का नजारा था। मेला स्थल पर मुख्य अतिथि योगी एवं विशिष्ट अतिथि जनरल रावत, प्रो0 रीता बहुगुणा जोशी, बृजेश पाठक, आशुतोष टण्डन के आगमन पर रंगीन पोशाक पहने ढाल तलवार लिये नाचते उत्तराखण्ड के छोलिया दल कर्णप्रिय देशभक्ति की धुन बजाते आर्मी बैण्ड तथा सुदूर सीमावर्ती क्षेत्र के शौका नृत्य ने जोरदार स्वागत किया।योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड महोत्सव का उद्घाटन किया मुख्य अतिथियों ने द्वीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। उत्तराखण्ड महापरिषद के मुख्य संयोजक बी0एस0 गब्र्याल, संयोजक दीवान सिंह अधिकारी, अध्यक्ष मोहन सिंह विष्ट, महासचिव हरीश चन्द्र पन्त आदि पदाधिकारियों ने माल्यापर्ण और प्रतीक चिन्ह भेंट कर अतिथियों का सतकार किया। मुख्यमंत्री योगी ने अपने सम्बोधन में अपार जनसमूह के प्रति उद्गार प्रकट करते हुए उत्तराखण्ड महापरिषद उद्घाटन पर आमंत्रित करने हेतु आभार प्रकट किया और कहा कि हर वर्ष महोत्सव के माध्यम से विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति से रूबरू कराना महापरिषद का प्रयास सराहनीय है। जनरल रावत ने अपने आर्शीवचन में उत्तराखण्ड के लोगो द्वारा राजधानी लखनऊ की जमीन पर इतना भव्य महोत्सव का आयोजन अपनी अलग छाप छोड़ने पर भूिर-2 प्रशंसा की। इससे पूर्व प्रातः मेला स्थल पर महोत्सव के सफल आयोजन मनोकामना हेतु देवी-देवताओं की पूजा अर्चना की गई। मुख्यमंत्री योगी एवं जनरल रावत, प्रो0 रीता बहुगुणा ने अपने-2 क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सैन्य क्षेत्र में लै0 जनरल मोहन भण्डारी (अवकाश प्राप्त) को, फिल्म जगत से प्रख्यात निदेशक, तिगमांशु धुलिया, विज्ञान से एच0एन0 बहुगुणा विश्वविद्यालय के कुलपति सी0एस0 नौटियाल, शिक्षा से प्रो0 कमान सिंह कठायत तथा चिकित्सा से डा0 हेम चन्द्र पाण्डे को मुख्यमंत्री योगी तथा जनरल रावत द्वारा उत्तराखण्ड महापरिषद के ‘‘उत्तराखण्ड गौरव’’ के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर महापरिषद की वार्षिक स्मारिका ‘‘उत्तराखण्ड दर्पण‘‘ का विमोचन मंचासीन अतिथियों, द्वारा किया गया। अपनी परम्परागत वेश भूषा, नथ पिछौड़ा आदि पहनकर लखनऊ के पंतनगर, विकासनगर, हरिनगर, पी0जी0आई0, गोमतीनगर, खरगापुर, नीलमथा, कल्याणपुर की लगभग 300 पर्वतीय महिलाओं ने झोड़े की रंगारंग प्रतियोगिता में भाग लिया। उत्तराखण्ड का प्रसिद्ध झोड़ा-खोल दे माता खोल भवानी धार में किवाड़ा, के लै रैछे भेट पखोवा ने दर्षकों की खुब ताली बटोरी। महोत्सव के प्रथम दिवस हेमवती नन्दन बहुगुणा जी की स्मृतियों को समर्पित रहा। उनके शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में परिचर्चा, गोष्ठी, चित्रकला प्रतियोगिता में लखनऊ के करामत इन्टर कालेज अभिनव विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारम्भ उत्तराखण्ड महापरिषद के रंगमण्डल के कलाकारों द्वारा सामुहिक गान- उत्तराखण्डा देवा भूमि करनू प्रणामा….करनू प्रणामा, ऋषि मुनिा तपोभूमि देवतो का धामा को खुब सराहा, जो कि महोत्सव का शीर्षक गीत भी है, से प्रारम्भ हुआ। तत्पश्चात् संस्कार सांस्कृतिक समिति, अल्मोड़ा के कलाकारों द्वारा शिव वन्दना, गढ़वाल का प्रसिद्ध थड़िया-चैफुला-बीरो में बीर माधो सिंह छाई मलेथा की कूल बनाई, ओ सिंह शार्दूल माधो सिंह मलेथा की कूल माधो सिंह मुन्नी रावत के दल ने धूम मचाई। रूद्र फाउन्डेशन की कलाकार द्वारा गणेष वन्दना मूषक वाहन, मोदक दत्ता ने दर्शकों को भक्ति भाव में सरोबर कर दिया। आसाम के कलाकारों द्वारा सुप्रसिद्ध लोक संस्कृति दल रूाोफिया रिूाल्पी समाज द्वारा आसाम का बीहू नृत्य तथा पारम्परिक लोक नृत्यों से महोत्सव में शमा बाधा।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड महोत्सव का उद्घाटन किया
Loading...