
अशाेक यादव, लखनऊ। कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच यूपी विधानसभा चुनाव 2022 करवाना चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती है। कोरोना को देखते हुए इस बार चुनाव आयोग ने चुनाव के तरीकों में कई तरह के बदलाव भी किए हैं। मतदान के लिए मतदाताओं को इस बार दस्ताने या ग्लब्स पहन कर ही ईवीएम बटन दबाना होगा। इसके लिए बूथ पर दस्ताने उपलब्ध कराए जाएंगे। बिना मास के आने वाले लोगों को मास्क भी दिए जाएंगे। प्रत्येक वोटर का मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार पर अनिवार्य रूप से थर्मल स्क्रीनिंग होगी। इसके लिए प्रशासन ने करीब 38 लाख दस्तानों का टेंडर किया है।
कोरोना के नए ओमीक्रोन वेरिएंट के संक्रमण फैलने की कई गुना गति को देखते हुए आयोग ने मतदान के दिन वोटरों को संक्रमण से बचाने के लिए कई तरह के बदलाव किए हैं। मतदान केंद्र पर वोट डालने के दौरान मतदाता को दो जगह अपने हाथों का इस्तेमाल करना पड़ता है। पहला पर्ची मिलान के बाद मतदाता रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के दौरान और दूसरा ईवीएम का बटन दबाने के समय। यहां संक्रमण के खतरे को देखते हुए चुनाव आयोग ने दस्ताने उपलब्ध कराने को कहा है साथ ही मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन अमरपाल सिंह द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 38 लाख के करीब दस्तानों के अलावा मास्क, सेनीटाइजर आदि का भी टेंडर किया गया है। जिन मतदाताओं के पास मास्क नहीं होगा, उनके लिए रिजर्व में मास्क रखा जाएगा। मतदाता की पहचान की प्रक्रिया के दौरान, आवश्यकता पड़ने पर मतदाताओं को पहचान के लिए अपना फेस मास्क हटाना होगा। मतदान के एक दिन पहले पूरे मतदान केंद्र को सैनिटाइज भी किया जाएगा।
मतदान के रोज मतदान केंद्र पर किसी वोटर का तापमान मानक से अधिक पाया जाता है, तो उसे वोटिंग के लिए एक टोकन प्रदान किया जाएगा। आयोग के दिशा निर्देशों के मुताबिक अगर किसी वोटर के शरीर का तापमान अधिक पाया जाता है तो उसकी दोबारा जांच होगी। तापमान मानक से अधिक रहता है तो टोकन देकर मतदान के अंतिम घंटे में वोटिंग के लिए आने को कहा जाएगा। अंतिम घंटे में कॉविड प्रोटोकॉल के तहत उसे वोट डालने की सुविधा दी जाएगी।
क्वारंटाइन किए गए कोविड मरीज भी मतदान के अंतिम घंटे में स्वास्थ्य अधिकारियों की देखरेख में मतदान करने की अनुमति होगी। सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने आवंटित मतदान केंद्रों में इसका समन्वय करेंगे। बूथों पर मतदाताओं के बीच 2 गज दूरी जरूरी होगी। 15 से 20 वोटरों के लिए घेरा निर्धारित होगा। पहचान के लिए मास्क के नीचे करना होगा। एक दिन पहले सेनीटाइज होगा पूरा पोलिंग स्टेशन वोटिंग के समय बिना मास्क वालों को मिलेगा मास्क।