नई दिल्ली: मंगलवार को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आए हैं। भाजपा साशित राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा अपनी सरकार दोबारा नहीं बना पाई है। राजस्थान में भाजपा 200 में से 73 सीटें, मध्यप्रदेश में 230 में से 109 सीटें और छत्तीसगढ़ में 90 में से सिर्फ 15 सीटें जीत पाई है। इस पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार से जनता पूरी तरह से त्रस्त हो गई थी। जिसके बाद लोगों ने दिल पर पत्थर रख कर कांग्रेस को सत्ता में आने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए हम कांग्रेस को राजस्थान और मध्यप्रदेश में समर्थन देंगे।
मायावती ने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हमने भाजपा को हराने के लिए चुनाव लड़ा था लेकिन हम जीत नहीं सके। इन प्रदेशों की जनता पूरी तरह भाजपा के साशन से त्रस्त हो चुकी थी। लेकिन वह कांग्रेस की सरकार से भी कम परेशान नहीं रही है। लेकिन फिर भी दिल पर पत्थर रख कर कांग्रेस को एक विकल्प की तरह देखते हुए उसे बहुमत दिया है। हांलांकि कांग्रेस ने दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और अन्य सोशित वर्गों के लिए काम नहीं किया है। अगर वह करती तो बसपा को न आना पड़ता। और न ही भाजपा का अस्तित्व होता। लेकिन फिर भी जनता ने कांग्रेस पर भरोसा दिखाया है। बसपा हमेशा सांप्रदायिक शक्तियों को हराने के लिए तत्पर है।
मायावती ने कहा कि मुझे पता चला है कि भाजपा मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ का प्रयास कर रही है। इसलिए हम कांग्रेस की विचारधारा का समर्थन न करते हुए भी मध्य प्रदेश में बसपा कांग्रेस को सरकार बनाने में समर्थन देगी। अगर कांग्रेस को जरूरत पड़ी तो बसपा राजस्थान में भी अपना समर्थन कांग्रेस को देगी। मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव के लिए जुट जाने को कहा। उन्होंने कहा कि परिणाम भले ही हमारे पक्ष में नहीं आए हैं। इस लिए सभी बसपा कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं।
मायावती: भाजपा को रोकने के लिए हम देंगे कांग्रेस को समर्थन ,सांप्रदायिक शक्तियों को हराने के लिए तत्पर है बसपा
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