
नई दिल्ली। अफगानिस्तान की सरकार को लेकर देश-दुनिया की चर्चाएं बढ़ गई हैं क्योंकि अब अफगानिस्तान की जमीन पर तालिबान कोई भी ऐसी हरकत कर सकता है। जो सारे देशों के लिए खतरनाक हाे सकता है। सभी देश चाह रहे हैं कि अब वहां का इस्तेमान आतंकवाद के लिए ना हो।
दिल्ली में रूसी सुरक्षा परिषद के प्रमुख निकोलाई पेत्रूशेव और भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बीच हुई बैठक में भारत और रूस का मानना है कि अफगानिस्तान में सक्रिय विदेशी आतंकवादी समूह मध्य एशिया और भारत के लिए खतरा हैं। भारत सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि भारत और रूस दोनों अफगानिस्तान के घटनाक्रम से बहुत चिंतित हैं।
वादों पर कायम रहे तालिबान दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि तालिबान को अपने वादों पर कायम रहना चाहिए, जिसमें महिलाओं के लिए बुनियादी मानवाधिकारों का सम्मान और आतंकवादी समूहों द्वारा अपने क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने देना शामिल है।