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दिसंबर तक जारी हो जाएंगी नमामि गंगे के तहत गंगा नदी की स्वच्छता से जुड़ी परियोजनायें , मार्च 2019 तक पूरी होने की उम्मीद

लखनऊ / नई दिल्ली : बीते कुछ समय से गंगा नदी की स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं की रफ्तार सुस्त होने के आरोप लगातार लग रहे हैं. इन सबके बीच राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने कहा है कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत दिसंबर 2018 तक सभी जलमल शोधन परियोजनाओं (एसटीपी) संबंधी निविदा जारी कर दी जाएगी और मार्च 2019 तक करीब 70 प्रतिशत परियोजनाओं को पूरा कर लेने की उम्मीद है. एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि हम शहरीकरण के साथ-साथ नदियों में प्रदूषण की चुनौती का भी सामना कर रहे हैं. गंगा की मुख्‍य धारा में किए गए सर्वेक्षण में इस नदी में जलमल/औद्योगिक प्रदूषण फैलाने वाले 97 शहरों एवं कस्बों की पहचान की गई है.उन्होंने कहा, ”गंगा एवं उसकी सहायक नदियों पर जलमल शोधन की बची हुई सभी परियोजनाओं की निविदा दिसंबर माह तक जारी कर दी जाएंगी. परियोजनाओं पर मिशन मोड में काम किया जा रहा है. उम्मीद है कि मार्च 2019 तक 70 प्रतिशत काम पूरा कर लिया जाएगा.” मिश्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में पुराने जलमल शोधन संयंत्र हैं और इनमें से कुछ काम नहीं कर रहे थे जिन्हें ठीक किया जा रहा है.

एनएमसीजी के महानिदेशक ने कहा कि गंगा स्वच्छता कार्य के तहत कानपुर, हरिद्वार, फर्रूखाबाद, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना, भागलपुर, कोलाकाता, हावड़ा जैसे शहरों पर खास जोर दिया गया है. मिश्रा ने कहा, ”गंगा नदी पर एसटीपी कब तक बनेगा, परियोजनाएं कब तक पूरी होंगी, यह तो बताया जा सकता है लेकिन गंगा की सफाई एक सतत प्रक्रिया है, नदी को लगातार साफ रखने की जरूरत है. गंगा में ठोस कचरा न फेंका जाए, इसके लिये जनभागीदारी महत्वपूर्ण है.” मिश्रा ने कहा कि एसटीपी लंबे समय तक बेहतर ढंग से काम करे, इसके लिये ‘एक शहर, एक ऑपरेटर’ और हाइब्रिड एन्‍यूइटी मॉडल को लागू किया गया है. एनएमसीजी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय गंगा स्वच्छता अभियान के तहत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों में गंगा नदी पर 288 से अधिक परियोजनाएं मंजूर की गयी हैं. इन परियोजनाओं में मलजल उपचार सुविधा, घाटों और शवदाहगृहों का विकास, वनरोपण, नदी की सतह की सफाई और नदी के आसपास विकास करना शामिल है.

गंगा नदी पर जलमल शोधन से जुड़ी 96 आधारभूत संरचना परियोजनाओं का कार्य लिया गया है जिसमें से 26 परियोजनाओं पर काम पूरा हो चुका है और 46 परियोजनाओं पर काम जारी है. 12 परियोजनाओं पर निविदा को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जबकि 9 परियोजनाओं पर निविदा प्रक्रिया चल रही है तथा 3 परियोजनाओं पर निविदा निकाली जानी है. गंगा की सहायक नदियों पर 18 जलमल परियोजनाएं मंजूर की गई हैं जिसमें से एक परियोजना पर निविदा को अंतिम रूप दिया जा रहा है जबकि, 4 परियोजनाओं पर निविदा प्रक्रिया जारी है.

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