लखनऊ। सरकारी अस्पतालो मे कार्यरत डाक्टरो पर मरीजो के साथ लापरवाही करने की खबर तो रोज ही आती रहती है लेकिन जब किसी सरकारी अस्पताल के डाक्टर के कार्य की सराहना की खबर आती है तो लोग हैरत मे पड़ जाते है। लखनऊ के प्रतिष्ठित बलरामपुर अस्पताल की इमरजेन्सी मे आज अस्पताल के वरिष्ठ डाक्टर सर्वेश ने मानवता की एक मिसाल पेश करते हुए डाक्टरो पर मरीजो के विश्वास को बढ़ाया है। मामला एक आम व्यक्ति से जुड़ा है बलरामपुर अस्पताल की इमरजेस्नी कई मरीज पहले से मौजूद थे इमरजेस्नी मे डाक्टर सर्वेश की डियूटी थी तभी दोपहर मे कुछ लोग मोतीझील कालोनी ऐशबाग बाजार खाला के रहने वाले 45 वर्षीय राजेश अरोड़ा को बेसुध हालत मे लेकर बलरामपुर अस्पताल की इमरजेन्सी मे पहुंचे जहां उनका सामना डाक्टर सर्वेश से हुआ।
अक्सर ये देखा जाता है कि मरीज का इलाज शुरू करने से पहले डाक्टर कागजी लिखा पढ़ी मे काफी समय बर्बाद कर देते है लेकिन यहा आज ऐसा नही हुआ राजेश को देखते ही डाक्टर सर्वेश ने उनका तुरन्त इलाज शुरू कर दिया। राजेश सोमवार की दोपहर अपने भाई की स्कूटी पर सवार हो कर कही जा रहे थे तभी वो ऐशबाग रोड पर माधव सिनेमा के करीब हादसे का शिकार होकर घायल हो गए राजेश नेे अपनी सुधबुध खो दी आनन फानन मे राजेश के साथ मौजूद उनके भाई ने परिजनो को सूचना दी तो परिजन कुछ देर मे ही मौके पर पहुॅचे और घायल राजेश को लेकर बलरामपुर अस्पताल पहुॅचे जहां डाक्टर सर्वेश ने कगजात को प्राथमिक्ता ने कर पहले मरीज की हालत को प्राथमिक्ता देते हुए उनका इलाज शुरू किया।
डाक्टर सर्वेश की मरीज के प्रति तत्परता देख कर राजेश के परिजन भी हैरान थे क्यूंकि आज के समय मे धर्ती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टरो की तारीफ कम आलोचनांए ज्यादा होती है। लेकिन डाक्टर सर्वेश ने आज राजेश के इलाज मे तत्परता दिखाते हुए मानवता की जो मिसाल पेश कि है वो काबिले तारीफ है। घायल राजेश की पत्नी ज्योति का कहना था कि वो डाक्टर सर्वेश की जीवन भर आभारी रहेगी क्यूकि उन्होने जिस तत्परता से उनके पति का इलाज किया है उससे उनके पति की जान बच गई। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद राजेश बेहोश हो गए थे परिजनो को शक था कि उनके सर मे कोई अन्दरूनी चोट आई है लेकिन अस्पाल मे हुए इलाज के बाद उन्हे होश आया और राजेश बाते करने लगे। भले ही राजेश को गम्भीर चोटे न आई हो लेकिन यहां डाक्टर सर्वेश की भूमिका इस लिए सराहनीय कही जाएगी क्यूकि उन्होने मरीज की हालत को देखते हुए उसका इलाज तत्काल शुरू कर दिया जिससे कुछ देर मे ही राजेश की हालत मे सुधार देखने को मिल गया।