लखनऊ। राजधानी के प्रेस क्लब में बुधवार को गोरखपुर से आई एक बहू से पीडित माँ ने वार्ता के माध्यम से अपनी पीड़ा बताई। गोरखपुर, रामनगर सूरत, थाना हरपुर की निवासी गीता राय ने बताया कि उनके पुत्र गोलू राय का विवाह पुष्पांजलि राय निवासी अंधियारी बाग, गोरखपुर से 10 जुलाई 2006 को हुआ था। दरोगा राजेन्द्र प्रसाद राय ने अपनी गर्भवती पुत्री पुष्पांजलि राय का विवाह मेरे बेटे से कर दिया और शादी के एक महीने बाद पता चला कि दरोगा की बेटी तीन महीने के गर्भ से है। पीडित गीता राय ने बताया कि जब इस हैरतअंगेज घटना की सूचना बहू के दरोगा पिता को दी थी तो उन्होंने हमारे परिवार को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और मेरे बेटे के खिलाफ हिस्ट्रीशीट भी खुलवा दी।
पुलिस द्वारा हद से ज्यादा प्रताड़ित होने की बात बताते हुए गीता राय ने कहा कि गोरखपुर में जब सुनवाई नहीं हुई तो मुझे मजबूरन लखनऊ आ कर इंसाफ की गुहार लगानी पड़ी। पारिवारिक न्यायालय जाने की बात बताते हुए गीता राय ने कहा कि हमने विदाई के लिए भी पारिवारिक न्यायालय में मुकदमा चलाया था और जज साहब के कहने पर भी दरोगा की बेटी वापस आने को तैयार नहीं हुई तो हमारे समर्थन में मुकदमा खारिज कर दिया गया था। गोरक्षनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर तथा सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए पीडित गीता राय ने कहा कि पुत्र के विवाह और दरोगा से सम्बंध बनाने की सजा एक बेबस माँ को कब तक मिलती रहेगी।