जम्मू/कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग हो जाने के बाद राजनीतिक संकट शुरू हो गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के अलावा अन्य पार्टियों के नेता भी इसपर बयानबाजी कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने गुरुवार को राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा विधानसभा भंग किए जाने पर कहा कि हमें राज्यपाल से कोई शिकायत नहीं है क्योंकि वे बहुत अच्छे शख्स हैं। हमें शिकायत है को केंद्र सरकार से है, अगर उन्हें विधानसभा भंग ही करानी थी तो चार से पांच महीने पहले ही करा देनी चाहिए थी, जब उन्होंने पीडीपी से समर्थन वापस लिया था। केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए आजाद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इन 4-5 महीनों में राज्य में अपनी सरकार बनाने की कोशिश की लेकिन उनके पास बहुमत नहीं था। सरकार बनाने के लिए उन्होंने अन्य पार्टियों के विधायकों को तोड़ने की भी कोशिश की थी। जब उन्होंने देखा कि राज्य में एक और सरकार बन सकती है, तो भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा को भंग कर दिया। जब उन्होंने पीडीपी से समर्थन वापस लिया था। केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए आजाद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इन 4-5 महीनों में राज्य में अपनी सरकार बनाने की कोशिश की लेकिन उनके पास बहुमत नहीं था।
जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक संकट: गुलाम नबी आजाद ने की गवर्नर की तारीफ, कहा- केंद्र सरकार से है ये शिकायत
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