भोपाल: मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस 15-25 अक्टूबर तक केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से दस दिवसीय आंदोलन करने जा रही है, लेकिन इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपक बावरिया अपने ही नेताओं को निशाने पर रखते नज़र आए. बाबरिया के अनुशासन को लेकर कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने पर भोपाल के विधायक आरिफ मसूद उनसे भिड़ गए. उन्होंने मंच के नीचे से चिल्लाकर बाबरिया से पूछा कि सिर्फ भोपाल का नाम क्यों ले रहे हैं? बाबरिया ने खासकर मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे आपके बारे में रोज शिकायतें मिल रही हैं. कुछ मंत्री कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की चिंताओं को दूर करने के बजाय बीजेपी के लोगों को वरीयता और समय दे रहे हैं. ऐसे सभी मंत्री जो हमारी अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को नहीं बल्कि बीजेपी कार्यकर्ताओं और लोगों को प्राथमिकता देते हैं, उन्हें पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के सामने खड़ा किया जाएगा और इसके बारे में जवाब दिया जाएगा. मैं यह भी स्पष्ट कर दूं कि जब भी मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने मंत्रिपरिषद में बदलाव करेंगे तो ऐसे मंत्रियों पर भी ध्यान दिया जाएगा.” पार्टी के भीतर बढ़ती अनुशासनहीनता के मुद्दे को उठाते हुए बाबरिया ने स्पष्ट किया कि ”सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं होगी. यहां तक कि बड़े नेताओं के अनुरोध को भी स्वीकार नहीं किया जाएगा और अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई की जाएगी. यह स्पष्ट निर्देश है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगी.” बाबरिया ने राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और अवैध शराब के व्यापार के आरोपों के खिलाफ भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश में बीजेपी के 15 साल के शासनकाल में इस तरह की बातें सामने आई थीं, लेकिन अगर वे हमारी पार्टी के शासन में भी जारी रहती हैं तो यह एक गंभीर मुद्दा है और इसे तुरंत और गंभीरता से निपटा जाना चाहिए.” बाबरिया अनुशासन पर भाषण दे रहे थे लेकिन उसी दौरान भोपाल से विधायक आरिफ मसूद सीधे बावरिया से भिड़ गए और मंच के नीचे से ही चिल्लाकर कहा कि वे सिर्फ भोपाल का ही नाम क्यों ले रहे हैं, दूसरे जिलों का क्यों नहीं?
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दीपक बावरिया ने कांग्रेस नेताओं पर बीजेपी के लोगों को वरीयता और समय देने का लगाया आरोप
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