नई दिल्ली: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के ‘स्वाइन फ्लू’ को लेकर विवादित टिप्पणी देने वाले कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है. भाजपा ने अमित शाह के ‘स्वाइन फ्लू’ पर कांग्रेस नेता बी के हरिप्रसाद के तंज पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि फ्लू का इलाज है लेकिन विपक्षी दल के नेता के मानसिक स्वास्थ्य का इलाज मुश्किल है. भाजपा ने कांग्रेस से हरिप्रसाद को पार्टी से बर्खास्त करने और घृणित बयान के लिए सरेआम माफी मांगने की मांग की है. भाजपा ने दावा किया कि इन बयानबाजियों पर विपक्षी दल की चुप्पी यह दर्शाती है कि इस प्रकार के सभी ‘जहरीले’ विचारों को नेतृत्व से मंजूरी मिली हुई है.
अमित शाह स्वाइन फ्लू से पीड़ित हैं और अभी एम्स में अपना इलाज करवा रहे हैं. दरअसल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के खराब स्वास्थ्य पर व्यंग्य करते हुए कहा था कि उन्हें स्वाइन फ्लू इसलिए हुआ क्योंकि उनकी पार्टी ने कर्नाटक में कांग्रेस और जद(एस) सरकार को कथिततौर पर अस्थिर करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा था ‘हमारे 6 विधायकों को किडनैप करके मुम्बई में रखा गया है, BJP और RSS के कार्यकर्ताओं ने उन पर पहरा बिठाया है. कुछ विधायक वापस आ गए हैं जिसके चलते अमित शाह को बुखार आ गया है. कोई ऐसा वैसा बुखार नहीं, उन्हें सुअर का बुखार आया है,
जिसे स्वाइन फ्लू कहते हैं, अगर अब भी कर्नाटक सरकार को खराब करने की तो आपको स्वाइन फ्लू नहीं, बल्कि उल्टी दस्त और दूसरी बीमारी भी होगी इस बात को आप समझ लें…’ बता दें कि बीके हरिप्रसाद राज्यसभा के उपसभापति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश के खिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार थे. वहीं राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस बयान पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह यह देख का जरा भी अचंभित नहीं हुए कि कांग्रेस के नेताओं ने शालीनता और मर्यादा को एकदम त्याग दिया है. इस प्रकार के बयान कांग्रेस नेतृत्व के निराशा को भी दिखाते हैं.
वहीं भाजपा प्रवक्ता जी वी एल नरसिम्हा राव ने कहा कि हरिप्रसाद का बयान कांग्रेस के नैतिक पतन को दिखाता है. यह विचारों को दीवालियापन है और नैतिक मूल्यों की कमी है. पार्टी के अन्य प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने हरिप्रसाद के बयान को शर्मनाक बताया और कहा कि यही कांग्रेस का वास्तिव चेहरा है. उन्होंने कहा कि शाह ने खुद ही अपनी बीमारी लोगों को बताई है ऐसे में कांग्रेस नेता के बयान से जनता को दुख पहुंचेगा.