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लेखन कला को बनाएं कैरियर, हर दिन कुछ नया करने की चाहत देगी सुनहरा भविष्य, खुली हैं अपार संभावनाएं

लखनऊ: लेखन वास्तव में एक कला समान है। सिर्फ लिखना ही काफी नहीं होता, बल्कि आप किस तरह से लिखते हैं, यह भी काफी मैटर करता है। सुदंर तरीके से लिखे हुए शब्द मोती के समान दिखाई देते हैं। अगर आप भी लेखन की दुनिया में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं तो बतौर कॉलिग्राफर अपना सुखद भविष्य देख सकते हैं। कॉलिग्राफी पेलोग्राफी की ही एक शाखा है और इस क्षेत्र में आप अपनी क्रिएटिविटी के जरिए हर दिन कुछ नया कर सकते हैं। कलात्मक व्यक्तियों के लिए यह एक बेहतरीन भविष्य साबित हो सकता है। 

एक बेहतर कॉलिग्राफर बनने के लिए आपका क्रिएटिव और आर्टिस्टिक माइंड होना बेहद आवश्यक है। साथ ही आपको अपने खूबसूरत विचारों का इस्तेमाल करते हुए इमेज, सिंबल्स व लेटर्स क्रिएट करना होता है। आपका काम ऐसा होता है, जिसमें आपको धैर्य, उत्साह, ध्यान, रूचि, कलात्मक संतुलन, अपने काम में बारीकी से नजर होनी चाहिए। इस क्षेत्र में केवल वही व्यक्ति सफल हो सकता है, जो अपने काम में फोकस होने के साथ−साथ मेहनती हो और अपने काम का नियमित रूप से अभ्यास करे। इसके अतिरिक्त इस डिजिटल युग में सिर्फ हाथों से ही डिजाइनिंग नहीं करनी होती, बल्कि अब कंप्यूटर के जरिए भी काम किया जाता है। इसलिए एक कॉलिग्राफर को कंप्यूटर की भी पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए।
एक कॉलिग्राफर बनने के लिए विशेष डिग्री की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन इस क्षेत्र में कदम रखने और अपने स्किल्स को निखारने के लिए आप विभिन्न इंस्टीट्यूटस से शॉर्ट टर्म व लॉन्ग टर्म कोर्स कर सकते हैं। कोर्स के दौरान छात्रों को एल्फाबेटिक स्टडी से लेकर कर्सिव स्टाइल, फ्रीहैंड क्रिएटिव राइटिंग, विभिन्न टूल्स की मदद से लिखना आदि सिखाया जाता है।
 
एक कॉलिग्राफर विभिन्न स्याही और मैटीरियल का इस्तेमाल करके आर्टिस्टिक लेटर के जरिए प्रोजेक्ट तैयार करता है। उसका मुख्य काम विभिन्न डॉक्यूमेंट, इनविटेशन और अन्य प्रिंटेड पीस तैयार करना होता है। उन डॉक्यूमेंट में कॉलिग्राफर अपनी कलात्मकता के जरिए उसे सबसे अधिक अच्छा बनाने का प्रयास करता है। एक कॉलिग्राफर के लिए जॉब की कोई कमी नहीं है।
आप विभिन्न प्रिटिंग शॉप्स से लेकर पब्लिशिंग हाउस, ग्रीटिंग कार्ड कंपनी, वेडिंग कार्ड कंपनी, ग्राफिक डिजाइन फर्म आदि में जॉब की तलाश कर सकते हैं। वहीं फिल्म और टेलीविजन कंपनियों को भी कॉलिग्राफर की आवश्यकता होती है। वे कॉलिग्राफर के जरिए विभिन्न इमेज व प्रॉप्स आदि बनवाते हैं। इतना ही नहीं, एक कॉलिग्राफर विभिन्न लोगों और ब्रांड की इमेज को डिजाइन करते हैं। यूं तो एक कॉलिग्राफर विभिन्न कंपनियों के लिए काम करते हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो इस क्षेत्र में बतौर फ्रीलासंर भी काम कर सकते हैं या फिर सेल्फ−इप्लायड भी इस क्षेत्र के लिए अच्छा ऑप्शन है।
एक कॉलिग्राफर की आमदनी उसको दिए प्रोजेक्ट, आर्ट फार्म, क्लाइंट की डिमांड और दी जाने वाली सर्विस पर निर्भर करती है। लेकिन फिर भी शुरूआती दौर में, एक कॉलिग्राफर 15000 से 20000 रूपए प्रतिमाह आसानी से कमा सकता है। अगर आप सेल्फ इंप्लायेड कॉलिग्राफर हैं तो आप यकीनन ज्यादा कमा सकते हैं।
इन संस्थानों में मिलता है प्रसिक्षण 
बिशप हर्बर कॉलेज, तमिलनाडु
हैंडराइटिंग स्कूल ऑफ इंडिया, बैंगलोर
अच्युत पल्लव स्कूल ऑफ कॉलिग्राफी, मुंबई
इंदिरा गांधी सेंटर फॉर आर्टस, नई दिल्ली
श्री योगेश्वरी इंस्टीटयूट ऑफ हैंडराइटिंग, बैंगलोर
कलाभूमि आर्टस, दिल्ली
राजमुद्रा डिजाइन इंस्टीट्यूट, पुणे
अक्षरग्रंथ कॉलिग्राफी इंस्टीट्यूट, महाराष्ट
राइट इंडिया राइट, इंदौर
जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
कॉलिग्राफी इंडिया, विभिन्न केन्द्र
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